बूंदी में निर्दलीय पार्षद राधिका मीणा को पुलिस ने पकड़ा
कापरेन की वार्ड 20 की पार्षद को अपहरण रिपोर्ट के आधार पर थाने ले जाने का प्रयास
बूंदी जिले की निर्दलीय पार्षद राधिका मीणा को पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट के आधार पर थाने ले जाने की कोशिश की, जिसके बाद ग्रामीणों ने विरोध जताया और पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। कांग्रेस और विधायक ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्ररेणा बताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत महिला के बयान दर्ज करना आवश्यक है।
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बूंदी। बूंदी जिले के कापरेन वार्ड 20 की निर्दलीय पार्षद राधिका मीणा को मंगलवार को देईखेड़ा पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें थाने ले जाने का प्रयास किया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।
पार्षद राधिका मीणा अपने पीहर जा रही थीं, तभी देईखेड़ा पुलिस ने उन्हें सादे वर्दी और निजी वाहन में पकड़ लिया। ग्रामीणों ने पुलिस पर महिला को बिना वजह परेशान करने का आरोप लगाया और थाने पहुंचकर विरोध जताया। बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने एसपी से बात कर कहा कि पार्षद के बयान ग्रामीणों के सामने लिए जाएं और महिला को परेशान न किया जाए। एसपी ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
राधिका ने कहा कि वह बृज गोपाल शर्मा को जानती तक नहीं हैं और पूरे मामले को राजनीतिक षड्यंत्र बताया। परिजन और कांग्रेस नेता पुलिस के इस कदम का विरोध करते हुए घर पर ही बयान दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने पार्षद को थाने ले जाने की कोशिश की, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों के विरोध के बाद दो जवान मौके पर तैनात कर वापस चले गए। पुलिस की तैनाती की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जो रात तक मौजूद रही। शाम को पुलिस उपाधीक्षक अशोक जोशी और लाखेरी सीओ नरेंद्र नागर भी मौके पर पहुंचे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराध की सूचना मिलने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करना उनकी जिम्मेदारी है और महिला से संबंधित मामले में स्वतंत्र बयान दर्ज कराना आवश्यक है।
कापरेन नगरपालिका चुनाव में वार्ड 20 से निर्वाचित राधिका मीणा निर्दलीय पार्षद हैं। बूंदी नगर परिषद में कांटे की टक्कर के बीच कांग्रेस ने 20 सीटें जीती हैं, जबकि भाजपा बहुमत से दूर रही।
ग्रामीणों का कहना है कि राधिका सामान्य रूप से अपने पीहर जा रही थीं, लेकिन पुलिस ने बिना दर्ज मामले के उन्हें रोक लिया। बाद में जब ग्रामीण वकील लेकर थाने पहुंचे और विरोध जताया, तब जाकर पुलिस ने पार्षद को छोड़ा।
विधायक हरिमोहन शर्मा ने सोशल मीडिया पर कोटा के एक भाजपा नेता पर पुलिस के जरिए पार्षद पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।
पार्षद राधिका मीणा ने कहा, "अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले बृज गोपाल शर्मा को मैं जानती तक नहीं हूं।"
कापरेन निवासी बृज गोपाल शर्मा की ओर से राधिका मीणा के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
राजाराम जाट, थानाधिकारी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- राधिका मीणा पर अपहरण की रिपोर्ट किसने दर्ज कराई?
- रिपोर्ट कापरेन निवासी बृज गोपाल शर्मा की ओर से दर्ज कराई गई है।
- पुलिस ने राधिका मीणा को क्यों थाने ले जाने की कोशिश की?
- पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत महिला का स्वतंत्र बयान दर्ज कराना आवश्यक बताया।
- पुलिस और ग्रामीणों के बीच सहमति कब तक नहीं बन सकी?
- पुलिस उपाधीक्षक अशोक जोशी और लाखेरी सीओ नरेंद्र नागर के आने के बाद भी सहमति नहीं बन सकी।
- विधायक हरिमोहन शर्मा ने पुलिस कार्रवाई के बारे में क्या कहा?
- उन्होंने एसपी से कहा कि पार्षद के बयान ग्रामीणों के सामने लिए जाएं और महिला को परेशान न किया जाए।
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