जयपुर मेयर चुनाव 25 सितंबर को, नामांकन 19 से शुरू
बीजेपी ने पार्षदों को पुष्कर शिफ्ट किया, मेयर और डिप्टी मेयर पद पर चर्चा
जयपुर नगर निगम के मेयर चुनाव 25 सितंबर को होंगे और नामांकन प्रक्रिया 19 से 21 सितंबर तक चलेगी। भाजपा ने अपने पार्षदों को पुष्कर में ठहराया है और मेयर पद के लिए उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया जारी है। कांग्रेस की रणनीति को देखते हुए भाजपा पार्षदों की एकजुटता बनाए रखने में लगी है।
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जयपुर। जयपुर नगर निगम के मेयर पद के चुनाव 25 सितंबर को होंगे। नामांकन प्रक्रिया 19 सितंबर दोपहर 3 बजे से शुरू होकर 21 सितंबर तक चलेगी। भाजपा ने अपने करीब 85 पार्षदों को पुष्कर के एक होटल में ठहराया है ताकि वे एकजुट रहें।
बीजेपी में मेयर पद के लिए सुनील कोठारी और डिप्टी मेयर पद के लिए भवानी सिंह राजावत के नाम चर्चा में हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर स्थानीय समीकरणों को मजबूत करने की रणनीति बनाई है। जयपुर में 4-5 पार्षद वहीं हैं, जिनमें मेयर पद के दावेदार या प्रस्तावक हो सकते हैं।
नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन शुक्रवार को भाजपा की ओर से किसी भी दावेदार के प्रतिनिधि ने नामांकन नहीं लिया। माना जा रहा है कि कुछ पार्षदों को जयपुर में ही रोका गया है ताकि वे शनिवार को नामांकन दाखिल कर सकें।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पार्षदों से व्यक्तिगत और समूह में चर्चा कर महापौर प्रत्याशी के लिए राय ली। इसके बाद पार्षदों से खाली पर्ची पर तीन नाम लिखवाए गए।
राजस्थान में निकाय प्रमुख के लिए निर्वाचित पार्षद होना अनिवार्य नहीं है। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम में हाइब्रिड विकल्प खुला है। पार्टी इस फॉर्मूले के पक्ष में नहीं है और पार्षदों की राय व स्थानीय समीकरणों को आधार बनाकर निर्णय ले सकती है।
सोशल मीडिया पर महापौर पद के लिए कई नाम चलाए गए, लेकिन पार्टी ने इसे अफवाह करार दिया है। भाजपा के महापौर पद के लिए सहमति नहीं बन पा रही है और पार्षदों में गैर पार्षद उम्मीदवार को मौका देने को लेकर असहमति है।
कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी खड़ा करने की रणनीति के चलते भाजपा कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। इसीलिए उसने अपने पार्षदों को जयपुर से पुष्कर शिफ्ट किया है।
नगर निगम चुनाव के बाद बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। भीलवाड़ा जिले की असिंद नगर पालिका में चार निर्दलीय पार्षद भाजपा में शामिल हुए हैं, जिनमें वार्ड 8 के लोकेश, वार्ड 12 के सांवरमल कुमावत, वार्ड 22 के ग्यारसी भील और वार्ड 23 के प्रकाश कुमावत शामिल हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने उन्हें सदस्यता दिलाई।
पार्षदों ने भाजपा की विचारधारा और डबल इंजन सरकार में विश्वास जताते हुए पार्टी में शामिल होने की बात कही। इस दौरान असिंद विधायक जब्बार सिंह सांखला भी मौजूद रहे।
यह कदम संगठन विस्तार से जोड़ा जा रहा है और स्थानीय समीकरणों में बदलाव की स्थिति बनी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भाजपा ने नामांकन प्रक्रिया में किस रणनीति का उपयोग किया है?
- भाजपा ने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर स्थानीय समीकरण मजबूत करने की योजना बनाई है।
- उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मेयर चयन को लेकर क्या कदम उठाए?
- दीया कुमारी ने पार्षदों से व्यक्तिगत और समूह में चर्चा कर महापौर प्रत्याशी के लिए राय ली।
- राजस्थान में मेयर चुनाव के लिए पार्षद होना क्यों जरूरी नहीं है?
- जयपुर, जोधपुर और कोटा में हाइब्रिड विकल्प खुले हैं जिसमें गैर-पार्षद उम्मीदवार भी खड़े हो सकते हैं।
- भीलवाड़ा जिले की असिंद नगर पालिका में क्या राजनीतिक बदलाव हुए हैं?
- चार निर्दलीय पार्षद भाजपा में शामिल हुए हैं, जिससे स्थानीय समीकरण बदल रहे हैं।
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