जयपुर में कांग्रेस पार्षदों पर दबाव, विधायक ने धरना दिया
बोर्ड गठन से पहले सियासत तेज, पुलिस पर कांग्रेस ने दबाव बनाने का आरोप लगाया
जयपुर में कांग्रेस ने दावा किया है कि पुलिस और प्रशासन कांग्रेस समर्थित पार्षदों को भाजपा में शामिल करने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिस पर विधायक ललित यादव ने धरना दिया। इसके अलावा, राजस्थान के कई जिलों में पार्षदों और उनके परिजनों के साथ ऐसी ही कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। विधानसभा चुनाव के बाद बोर्ड गठन को लेकर सियासी विवाद जारी है।
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जयपुर। जयपुर में कांग्रेस ने पुलिस और प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वे कांग्रेस समर्थित पार्षदों को भाजपा के खेमे में शामिल करने के लिए दबाव बना रहे हैं। इस घटनाक्रम के विरोध में विधायक ललित यादव ने धरना दिया। कांग्रेस प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कई जिलों में ऐसी कार्रवाई की जानकारी दी।
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड गठन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने सत्ताधारी भाजपा और पुलिस प्रशासन पर सत्ता और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है।
कांग्रेस प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि जयपुर में पुलिस और प्रशासन के जरिए कांग्रेस तथा कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें भाजपा के खेमे में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने झुंझुनूं के मंडावा, अलवर के मंडावर, सीकर, करौली और सपोटरा विधानसभा क्षेत्रों के पार्षदों के मामले का भी जिक्र किया।
कांग्रेस ने टोंक जिले की दूनी नगरपालिका की चेयरमैन उम्मीदवार अर्चना बड़गूजर के परिजनों के हवाले से बताया कि उन्हें पुलिस ने जबरन ले जाने का प्रयास किया, जिससे परिवार परेशान है। अर्चना के बच्चे छोटे हैं और इस तरह की कार्रवाई परिवार के लिए बेहद कष्टदायक है। अर्चना भाजपा के सिंबल पर चुनाव जीत चुकी हैं, लेकिन अब कांग्रेस ने उन्हें दूनी नगरपालिका में चेयरमैन पद का उम्मीदवार बनाया है।
अलवर जिले के मंडावर में भी एक पार्षद के परिजन को पुलिस द्वारा ले जाने का आरोप लगा है। सीकर जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सुनीता गठाला के घर पुलिस पहुंची और उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले वार्ड 17 की नवनिर्वाचित महिला पार्षद सुनीता रानी की गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने बताया कि महिला पार्षद के देवर की रिपोर्ट पर गुमशुदगी दर्ज कर जांच एएसआई रामावतार को सौंपी गई है।
नगरपालिका चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को 16-16 सीटें मिली हैं, जबकि 12 निर्दलीय और एक माकपा प्रत्याशी विजयी रहे। अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए दोनों दलों ने अपने विजयी पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है और उनके मोबाइल फोन बंद रखे गए हैं।
सूरतगढ़ में भाजपा प्रत्याशी ज्योति कंवर और कांग्रेस प्रत्याशी परमेश्वरी देवी गोदारा के नामांकन वैध पाए गए हैं। अध्यक्ष पद का फैसला पार्षदों के मतदान से होगा, जो 21 सितंबर को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक होगा।
कांग्रेस का आरोप है कि बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और इसी बीच पार्षदों पर दबाव बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। भाजपा और पुलिस प्रशासन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
विधायक ललित यादव ने जयपुर में इस घटनाक्रम के विरोध में धरना दिया और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अर्चना बड़गूजर किस पार्टी का उम्मीदवार हैं?
- अर्चना बड़गूजर भाजपा सिंबल से चुनाव जीत चुकी हैं लेकिन अब कांग्रेस ने उन्हें दूनी नगरपालिका के चेयरमैन पद का उम्मीदवार बनाया है।
- सूरतगढ़ में महिला पार्षद सुनीता रानी की गुमशुदगी पर क्या कार्रवाई हुई?
- सुनीता रानी की गुमशुदगी की रिपोर्ट उनके देवर ने दर्ज करवाई है और जांच एसआई रामावतार को सौंपी गई है।
- पार्षदों के मोबाइल फोन क्यों बंद हैं?
- भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने अध्यक्ष पद चुनाव से पहले अपने विजयी पार्षदों की बाड़ेबंदी कर उनके मोबाइल फोन बंद रखे हैं।
- कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन पर क्या आरोप लगाए हैं?
- कांग्रेस ने भाजपा और पुलिस प्रशासन पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और पार्षदों पर दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है।
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