ओडिशा में चार दिन मनाया जाता है मासिक धर्म का त्योहार
भारतीय संस्कृति में अनोखा उत्सव, धरती मां की उर्वरता का प्रतीक
ओडिशा में आषाढ़ महीने में चार दिन तक रज पर्व मनाया जाता है, जो मासिक धर्म और धरती मां की उर्वरता से संबंधित है। इस दौरान महिलाएं काम बंद रखती हैं और खेती, जुताई जैसे कार्य नहीं करते हैं। त्योहार के माध्यम से मानसून के आगमन और फसल उगाने की प्रक्रिया का सम्मान किया जाता है।
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ओडिशा में चार दिनों तक रज पर्व मनाया जाता है, जो मासिक धर्म से जुड़ा एक खास उत्सव है। यह त्योहार आषाढ़ महीने में होता है और महिलाओं के साथ-साथ धरती मां की उर्वरता का सम्मान करता है। इस दौरान खेती और अन्य काम बंद रहते हैं।
रज शब्द संस्कृत के रजस्वला से बना है, जिसका अर्थ मासिक धर्म से गुजरने वाली स्त्री होता है। इस पर्व के पहले दिन को पहिली रज कहा जाता है, जो बरसात के आगमन का प्रतीक है। इस दिन लड़कियों के हाथों में मेहंदी लगाई जाती है, पैरों में आलता और नए कपड़े पहनाए जाते हैं।
दूसरे दिन को रज संक्रांति कहा जाता है, जो इस उत्सव का सबसे खास दिन होता है। इस दिन किसी भी तरह का काम करना मना होता है और महिलाएं झूला झूलती हैं, खेल खेलती हैं तथा मिलकर खुशियां मनाती हैं।
तीसरे दिन महिलाओं को आराम दिया जाता है और वे केवल खुशियां मनाती हैं। चौथे दिन वसुमती स्नाने के दिन सिलबट्टे को धरती मां का प्रतीक मानकर हल्दी और चंदन से नहलाया जाता है तथा फूलों और सिंदूर से सजाया जाता है।
मान्यता है कि इस समय धरती माता रजस्वला होती हैं और मानसून की पहली बारिश के बाद नई फसल उगाने के लिए खुद को तैयार करती हैं। इसलिए इस दौरान महिलाएं भी अपने कामों से ब्रेक लेती हैं और फर्टिलिटी से जुड़े इस त्योहार को मनाती हैं। खेती, जुताई और पेड़ काटने जैसे काम चार दिनों तक पूरी तरह बंद रहते हैं। यह उत्सव धरती मां की उर्वरता के लिए आभार जताने का माध्यम है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- रज पर्व का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- यह पर्व महिलाओं के मासिक धर्म और धरती मां की उर्वरता का सम्मान करता है।
- पहली रज के दिन क्या विशेष गतिविधियां होती हैं?
- लड़कियों के हाथों में मेहंदी लगती है, पैरों में आलता होती है और नए कपड़े पहनाए जाते हैं।
- रज संक्रांति के दौरान क्या नियम होते हैं?
- इस दिन किसी भी प्रकार का काम करना मना होता है और महिलाएं झूला झूलकर खुशियां मनाती हैं।
- चौथे दिन का वसुमती स्नान क्या होता है?
- सिलबट्टे को हल्दी और चंदन से नहलाकर फूलों और सिंदूर से सजाया जाता है।
- क्यों चार दिनों तक खेती और पेड़ काटना बंद रहता है?
- इस दौरान धरती माता को रजस्वला माना जाता है और माहौल फसल उगाने के लिए तैयार किया जाता है।
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