बीमा प्रीमियम पर नहीं लगेगा मर्चेंट डिस्काउंट रेट
एनपीसीआई ने बीमा प्रीमियम पर एमडीआर से छूट दी, 50 हजार रुपये तक फीस 5 रुपये तय
सरकार ने बीमा प्रीमियम पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) नहीं लगाने का फैसला किया है और इसके बजाय एकमुश्त 5 रुपये की फिक्स्ड फीस निर्धारित की है। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने स्पष्ट किया है कि बीमा प्रीमियम पर 2 हजार रुपये से अधिक भुगतान पर भी 0.4 फीसदी एमडीआर नहीं लगेगा।
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सरकार ने बीमा प्रोडक्ट के प्रीमियम पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) नहीं लगाने का फैसला किया है। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने बीमा को अलग कैटेगरी में रखते हुए प्रीमियम पर सीधे 5 रुपये की फिक्स्ड फीस लगाने की घोषणा की है।
यूपीआई से भुगतान पर एमडीआर लागू होने के बाद ग्राहक और दुकानदार दोनों में कंफ्यूजन बनी हुई थी। अब बीमा उत्पाद खरीदने या प्रीमियम भरने पर एमडीआर नहीं लगेगा, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं आएगा। एनपीसीआई ने स्पष्ट किया है कि बीमा प्रीमियम पर 2 हजार रुपये से अधिक भुगतान पर भी 0.4 फीसदी एमडीआर नहीं लगेगा, बल्कि एकमुश्त 5 रुपये की फीस ही देनी होगी।
एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है, लेकिन बीमा प्रीमियम पर यह सीमा लागू नहीं होगी। उदाहरण के तौर पर, 50 हजार रुपये के प्रीमियम पर 0.4 फीसदी एमडीआर लगाने पर 200 रुपये लगते, लेकिन एनपीसीआई ने इसे अलग कैटेगरी में रखा है और केवल 5 रुपये की फीस तय की है।
सरकार ने सभी बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को निर्देश दिया है कि एमडीआर का बोझ ग्राहक या बीमाधारक पर नहीं डाला जाएगा। बीमा प्रीमियम आमतौर पर भारी राशि होती है, लेकिन यह जरूरी उत्पाद माना जाता है और इस पर कई तरह की छूट भी मिलती हैं।
यदि प्रीमियम पर 0.4 फीसदी एमडीआर लगता तो बीमा महंगा हो सकता था, जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान होता। इसलिए सरकार ने इसे 5 रुपये पर फिक्स कर दिया है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल, ट्रेन टिकट और अन्य जरूरी उत्पादों पर भी 0.4 फीसदी की जगह फिक्स्ड एमडीआर लागू होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बीमा प्रीमियम पर 0.4% एमडीआर लागू होने पर क्या प्रभाव पड़ता?
- अगर 0.4% एमडीआर लगाया जाता तो बीमा महंगा हो सकता था, जिससे उपभोक्ताओं को वित्तीय नुकसान होता। इसलिए यह फीस फिक्स की गई है।
- सरकार ने बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को क्या निर्देश दिए हैं?
- सरकार ने निर्देश दिया है कि एमडीआर का बोझ ग्राहक या बीमाधारक पर नहीं डाला जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव न पड़े।
- क्या बीमा प्रीमियम के अलावा अन्य उत्पादों पर भी फिक्स्ड एमडीआर लागू होगा?
- हां, पेट्रोल-डीजल, ट्रेन टिकट और अन्य जरूरी उत्पादों पर भी 0.4% की जगह फिक्स्ड एमडीआर लागू किया जाएगा।
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