पाकिस्तान ने मक्का समझौते को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
हूतियों के हमलों के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने का आश्वासन दिया
पाकिस्तान ने मक्का समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाने और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता जताई है। यह समझौता सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच क्षेत्रीय तनाव के बीच हुआ है, जिसमें सामूहिक रक्षा का प्रावधान शामिल है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सऊदी अरब के साथ समर्थन व्यक्त किया है।
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हालांकि। पाकिस्तान ने मक्का समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाने और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने का भरोसा दिया है। यह बयान हूतियों के हमलों के बीच आया है, जिनके कारण क्षेत्रीय तनाव बढ़ा है।
मक्का समझौते पर 7 अगस्त को हस्ताक्षर हुए थे, जिसमें सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये शामिल हैं। यह त्रिपक्षीय समझौता क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हुआ है, जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और ईरान समर्थित हूती बलों के हमले भी शामिल हैं।
पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि इस्लामाबाद सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और दोनों पवित्र स्थलों की रक्षा करना पाकिस्तान की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "मक्का समझौता हम पर लागू होता है और हम अपना कर्तव्य निभाएंगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि अगर मक्का पर हमला होता है, तो उसकी रक्षा के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है। इस समझौते के तहत यदि इसके तीनों हस्ताक्षरकर्ताओं में से किसी की क्षेत्रीय अखंडता या भौगोलिक सीमाओं का उल्लंघन होता है, तो सामूहिक रक्षा का प्रावधान लागू होगा।
रियाद ने इस सप्ताह की शुरुआत में मक्का के पास एक हूती ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी थी। हालांकि, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि समूह ने इस्लामिक पवित्र स्थलों को निशाना नहीं बनाया था।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सऊदी अरब के समर्थन को दोहराते हुए कहा कि इस्लामाबाद रियाद के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। पाकिस्तान कूटनीतिक और भौतिक दोनों रूप से सऊदी अरब के साथ पूरी तरह खड़ा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मक्का समझौते के तहत सामूहिक रक्षा कब लागू होती है?
- यदि तीनों हस्ताक्षरकर्ताओं में से किसी की क्षेत्रीय अखंडता या भौगोलिक सीमाओं का उल्लंघन होता है, तो सामूहिक रक्षा लागू होती है।
- पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए क्या कहा है?
- पाकिस्तान ने कहा कि दोनों पवित्र स्थलों की रक्षा उसकी जिम्मेदारी है और वह किसी भी हद तक सुरक्षा के लिए जाएगा।
- हूती बलों ने मक्का पर हमले को लेकर क्या कहा है?
- हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि उनका समूह इस्लामिक पवित्र स्थलों को निशाना नहीं बनाता।
- यह समझौता किस संदर्भ में किया गया है?
- यह समझौता क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष, साथ ही ईरान समर्थित हूती हमलों के बीच हुआ है।
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