दुनिया 2 MIN READ

पाकिस्तान ने मक्का समझौते को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई

हूतियों के हमलों के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने का आश्वासन दिया

पाकिस्तान ने मक्का समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाने और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने का भरोसा दिया है। यह बयान हूतियों के हमलों के बीच आया है, जिनके कारण क्षेत्रीय तनाव बढ़ा है।
AI सार

पाकिस्तान ने मक्का समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाने और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता जताई है। यह समझौता सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच क्षेत्रीय तनाव के बीच हुआ है, जिसमें सामूहिक रक्षा का प्रावधान शामिल है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सऊदी अरब के साथ समर्थन व्यक्त किया है।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

मक्का समझौते पर चर्चा करते अधिकारी
मक्का समझौते पर चर्चा करते अधिकारी / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

 पाकिस्तान ने मक्का समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाने और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने का भरोसा दिया है। यह बयान हूतियों के हमलों के बीच आया है, जिनके कारण क्षेत्रीय तनाव बढ़ा है।

मक्का समझौते पर 7 अगस्त को हस्ताक्षर हुए थे, जिसमें सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये शामिल हैं। यह त्रिपक्षीय समझौता क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हुआ है, जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और ईरान समर्थित हूती बलों के हमले भी शामिल हैं।

पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि इस्लामाबाद सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और दोनों पवित्र स्थलों की रक्षा करना पाकिस्तान की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "मक्का समझौता हम पर लागू होता है और हम अपना कर्तव्य निभाएंगे।"

उन्होंने यह भी कहा कि अगर मक्का पर हमला होता है, तो उसकी रक्षा के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है। इस समझौते के तहत यदि इसके तीनों हस्ताक्षरकर्ताओं में से किसी की क्षेत्रीय अखंडता या भौगोलिक सीमाओं का उल्लंघन होता है, तो सामूहिक रक्षा का प्रावधान लागू होगा।

रियाद ने इस सप्ताह की शुरुआत में मक्का के पास एक हूती ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी थी। हालांकि, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि समूह ने इस्लामिक पवित्र स्थलों को निशाना नहीं बनाया था।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सऊदी अरब के समर्थन को दोहराते हुए कहा कि इस्लामाबाद रियाद के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। पाकिस्तान कूटनीतिक और भौतिक दोनों रूप से सऊदी अरब के साथ पूरी तरह खड़ा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मक्का समझौते के तहत सामूहिक रक्षा कब लागू होती है?
यदि तीनों हस्ताक्षरकर्ताओं में से किसी की क्षेत्रीय अखंडता या भौगोलिक सीमाओं का उल्लंघन होता है, तो सामूहिक रक्षा लागू होती है।
पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए क्या कहा है?
पाकिस्तान ने कहा कि दोनों पवित्र स्थलों की रक्षा उसकी जिम्मेदारी है और वह किसी भी हद तक सुरक्षा के लिए जाएगा।
हूती बलों ने मक्का पर हमले को लेकर क्या कहा है?
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि उनका समूह इस्लामिक पवित्र स्थलों को निशाना नहीं बनाता।
यह समझौता किस संदर्भ में किया गया है?
यह समझौता क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष, साथ ही ईरान समर्थित हूती हमलों के बीच हुआ है।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
03 शिक्षा चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ वॉकाथॉन, प्रशासन ने हरी झंडी दिखाई
04 स्वास्थ्य पाली में जातरुओं से भरी पिकअप पलटी, 9 गंभीर घायल
Trust & Transparency

How this story was handled

Published19 सितंबर 2026, 14:10 IST IST
Last updated19 सितंबर 2026, 14:10 IST IST
Latest newsroom actionnews-desk (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under दुनिया and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: हालांकि.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from दुनिया.

दुनिया

रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों की निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो

दुनिया

अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र में आने की अनुमति दी

Recommended Stories

More from दुनिया
रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों की निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों की निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026
अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र में आने की अनुमति दी
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र में आने की अनुमति दी

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
03 शिक्षा चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ वॉकाथॉन, प्रशासन ने हरी झंडी दिखाई
04 स्वास्थ्य पाली में जातरुओं से भरी पिकअप पलटी, 9 गंभीर घायल

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.