जयपुर के 5 बूथों पर पुनर्मतदान शुरू, 17 सितंबर को मतगणना
राज्य निर्वाचन आयोग ने तकनीकी खराबी के कारण पांच मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया
जयपुर में नगर निगम चुनाव के पांच बूथों पर तकनीकी खराबी के कारण पुनर्मतदान शुरू हो गया है, जो सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। मतगणना 17 सितंबर को निर्धारित स्थान पर सुबह 8 बजे होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने पुनर्मतदान में केवल अधिकृत मतदाताओं को वोट देने की अनुमति दी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है।
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जयपुर। जयपुर में नगर निगम चुनाव के पांच मतदान केंद्रों पर बुधवार सुबह से पुनर्मतदान शुरू हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी पाए जाने के बाद यह कदम उठाया है। पुनर्मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा और 17 सितंबर को मतगणना होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, नगर निगम जयपुर के वार्ड संख्या 9 के बूथ संख्या 111, वार्ड संख्या 18 के बूथ संख्या 235, वार्ड संख्या 25 के बूथ संख्या 343, वार्ड संख्या 34 के बूथ संख्या 477 और 484 पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है। आयोग ने यह निर्णय मतगणना के दौरान मशीनों में तकनीकी खराबी और अप्रदर्शित मतों के कारण लिया है।
पुनर्मतदान में केवल अधिकृत मतदाता ही मतदान कर सकेंगे। मतदाता की बाएं हाथ की मध्यमा पर अमिट स्याही का निशान लगाया जाएगा, जो नाखून के प्रारंभिक भाग से अंगुली के प्रथम भाग तक फैला होगा। मूल मतदान के दौरान लगाई गई स्याही के निशान की उपेक्षा की जाएगी।
सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगी हुई हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों ने पुनर्मतदान की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
पुनर्मतदान की मतगणना 17 सितंबर को सुबह 8 बजे निर्धारित स्थान पर की जाएगी। मतदान केंद्रों और पुनर्मतदान की तारीख की जानकारी चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों और उनके एजेंटों को लिखित रूप से दी गई है। इसके अलावा व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से भी मतदाताओं को सूचित किया जा रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि पुनर्मतदान के बाद मूल मतदान में प्रयुक्त ईवीएम को सील कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाएगा।
जयपुर के अलावा जोधपुर, कोटा और सुकेत में भी कुछ मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान चल रहा है।
राजस्थान के 309 शहरी निकायों के चुनाव में भाजपा को कांग्रेस से 99,615 वोट अधिक मिले हैं। कुल 1.06 करोड़ वोटों में से भाजपा को 37.35 लाख, कांग्रेस को 36.35 लाख और निर्दलीयों को 29.06 लाख वोट मिले हैं।
मतदान के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पुनर्मतदान क्यों कराया जा रहा है?
- ईवीएम में तकनीकी खराबी और अप्रदर्शित मतों के कारण पुनर्मतदान आवश्यक हो गया है।
- पुनर्मतदान में कौन मतदान कर सकता है?
- पुनर्मतदान में केवल अधिकृत मतदाता ही वोट डाल सकते हैं, जिनकी पहचान अमिट स्याही के निशान से होगी।
- मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी रही?
- मतदान केंद्रों पर सुरक्षा कड़ी की गई है और जिला निर्वाचन अधिकारियों ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
- पुनर्मतदान की सूचना मतदाताओं को कैसे दी गई?
- चुनावी उम्मीदवारों और एजेंटों को लिखित सूचना दी गई तथा व्यापक प्रचार के माध्यम से मतदाताओं को सूचित किया गया।
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