RPSC सांख्यिकी अधिकारी और सहायक अभियोजन अधिकारी की परीक्षाएं 30 अगस्त और 2 सितंबर को
सांख्यिकी अधिकारी के 113 पदों के लिए 10,021 अभ्यर्थी, सहायक अभियोजन अधिकारी की परीक्षा दोपहर में
राजस्थान लोक सेवा आयोग 30 अगस्त को सांख्यिकी अधिकारी भर्ती परीक्षा आयोजित करेगा, जिसमें 113 पदों के लिए 10,021 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। सहायक अभियोजन अधिकारी की प्रारंभिक परीक्षा 2 सितंबर को होगी, और प्रवेश केवल परीक्षा शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को पहचान के लिए रंगीन आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र लाना अनिवार्य है, और परीक्षा के अनुचित साधन अपनाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग 30 अगस्त को सांख्यिकी अधिकारी भर्ती परीक्षा आयोजित करेगा। 113 पदों के लिए 10,021 अभ्यर्थी सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा देंगे। सहायक अभियोजन अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा 2 सितंबर को दोपहर 12 से 2 बजे तक होगी।
परीक्षा केंद्र पर किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को समय से पहले पहुंचकर सुरक्षा जांच और पहचान प्रक्रिया पूरी करनी होगी। देरी से आने पर परीक्षा में शामिल होने से वंचित किया जा सकता है।
अभ्यर्थी पहचान के लिए मूल आधार कार्ड का रंगीन प्रिंट लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होंगे। यदि आधार कार्ड पर फोटो पुरानी या अस्पष्ट हो तो मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे अन्य फोटो पहचान पत्र लेकर आना होगा। प्रवेश पत्र पर नई रंगीन फोटो लगाना अनिवार्य है।
सांख्यिकी अधिकारी परीक्षा में ओएमआर शीट के पांचवें विकल्प को भरने के लिए 10 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट या SSO पोर्टल से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा के लिए आवंटित जिला की जानकारी भी SSO पोर्टल पर उपलब्ध है।
आयोग ने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे किसी दलाल या बिचौलिए के झांसे में न आएं। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाने या गलत गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक जुर्माना और संपत्ति कुर्क की कार्रवाई हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अनुचित साधन अपनाने पर क्या सजा हो सकती है?
- राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2022 के तहत आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपए तक जुर्माना हो सकता है।
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