मनोरंजन 2 MIN READ

शबाना आजमी ने यूएस स्टाइल फिल्म सर्टिफिकेशन की जरूरत पर दिया जोर

लखनऊ, 19 दिसंबर ()। दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने अमेरिकी शैली की फिल्म प्रमाणन प्रणाली को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया है। उनका मानना है कि सेंसर बोर्ड को नहीं बल्कि फिल्म निर्माताओं को यह तय करना चाहिए कि किसी ²श्य को हटाने की जरूरत है या नहीं।
AI सार

लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री शबाना आजमी ने अमेरिकी फिल्म प्रमाणन प्रणाली को अपनाने की वकालत की, जिसमें निर्माता तय करते हैं कि कोई दृश्य हटाया जाए या नहीं, बजाय सेंसर बोर्ड के निर्णय लेने के। उन्होंने वर्तमान भारतीय प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि हमें सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 में संशोधन की आवश्यकता है और फिल्म को प्रमाणन मिलने के बाद कानून व्यवस्था की समस्या नहीं होनी चाहिए।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

शबाना आजमी ने यूएस स्टाइल फिल्म सर्टिफिकेशन की जरूरत पर दिया जोर
निहारिका टाइम्स

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

लखनऊ, 19 दिसंबर ()। दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने अमेरिकी शैली की फिल्म प्रमाणन प्रणाली को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया है। उनका मानना है कि सेंसर बोर्ड को नहीं बल्कि फिल्म निर्माताओं को यह तय करना चाहिए कि किसी ²श्य को हटाने की जरूरत है या नहीं।

रविवार शाम यहां एक कार्यक्रम में पठान विवाद के मद्देनजर एक सवाल का जवाब देते हुए पांच बार की राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता ने कहा, सेंसर बोर्ड जो करता है वह उसका काम नहीं होना चाहिए, इस काम के लिए खुद फिल्म निर्माता या कलाकारों को निर्णय लेना चाहिए, यही सही है, कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को अच्छे से पता होता है कि कहां किस जगह फिल्म में कट लगाना है। अमेरिका में ऐसी प्रणाली है और हमको उसको अपनाना चाहिए।

हमारा देश ब्रिटेन की सेंसरशिप शैली का अनुसरण करता है जिसमें सरकार द्वारा जीवन के विभिन्न क्षेत्रों या शिक्षाविद्, समाजशास्त्री आदि जैसे व्यवसायों से लगभग 30 लोगों को चुना जाता है और उन्हें हर पांच साल में देश की नैतिकता को बदलने के लिए निर्णय पर बैठाया जाता है, उस समय की राजनीतिक व्यवस्था के हिसाब से। खैर यह कोई ऐसी बात नहीं है कि लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है कि जिन लोगों को वहां बैठया जाता है, उनका संबंध सत्ता पक्ष से होता है।

गौरतलब है कि अभिनेत्री शबाना आजमी पद्म भूषण और पद्मश्री से सम्मानित हो चुकी हैं।

अपनी बात आगे करते हुए शबाना आजमी ने कहा, मैं कई सालों से चिल्ला रही हूं कि सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 में संशोधन की जरूरत है। जब कोई फिल्म को दिखाने के सर्टिफिकेट मिल जाता है तो फिर कानून व्यवस्था की समस्या नहीं होनी चाहिए। अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब है कि आप कठोर शब्द बोल सकते हैं, लेकिन अगर यह सांप्रदायिक दंगों को ट्रिगर करता है, तो इसे संभालने और नियंत्रित करने की जिम्मेदारी सरकार की है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शबाना आजमी ने अमेरिकी शैली की फिल्म प्रमाणन प्रणाली की आवश्यकता क्यों बताई?
शबाना आजमी का मानना है कि सेंसर बोर्ड नहीं, बल्कि फिल्म निर्माता यह निर्णय लें कि किस दृश्य को हटाना है।
शबाना आजमी ने सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 में संशोधन की जरूरत क्यों कही?
उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रमाणन के बाद कानून व्यवस्था की समस्या नहीं होनी चाहिए।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 शिक्षा तमिलनाडु सरकार ने किसानों-शिक्षकों पर दर्ज केस वापस लेने का एलान किया
03 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
04 शिक्षा चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ वॉकाथॉन, प्रशासन ने हरी झंडी दिखाई
Trust & Transparency

How this story was handled

Published19 दिसंबर 2022, 22:05 IST IST
Last updated2 सितंबर 2026, 21:38 IST IST
Latest newsroom actionnewsdesk-bot (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under मनोरंजन and aligned with that desk's editorial standards.
Editors attached 1 source/reference item to support this report.
Sources & References

Reporting trail

निहारिका टाइम्स — संग्रह · Open source
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from मनोरंजन.

मनोरंजन

35 साल बाद सेंसर बोर्ड ने जारी की नई फिल्म गाइडलाइंस

मनोरंजन

गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह

दुनिया

रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों की निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो

दुनिया

भारत ने समान-क्षेत्रफल नक्शा प्रोजेक्शन के व्यापक उपयोग का समर्थन किया

शिक्षा

दिल्ली में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित आवास की कमी बनी चुनौती

35 साल बाद सेंसर बोर्ड ने जारी की नई फिल्म गाइडलाइंस
मनोरंजन
इससे जुड़ी ख़बरें

35 साल बाद सेंसर बोर्ड ने जारी की नई फिल्म गाइडलाइंस

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026
गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह
मनोरंजन
इसी श्रेणी की और ख़बरें

गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 22 सितंबर 2026
रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों की निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों की निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026
भारत ने समान-क्षेत्रफल नक्शा प्रोजेक्शन के व्यापक उपयोग का समर्थन किया
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

भारत ने समान-क्षेत्रफल नक्शा प्रोजेक्शन के व्यापक उपयोग का समर्थन किया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 5 सितंबर 2026
दिल्ली में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित आवास की कमी बनी चुनौती
शिक्षा
इससे जुड़ी ख़बरें

दिल्ली में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित आवास की कमी बनी चुनौती

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 19 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 शिक्षा तमिलनाडु सरकार ने किसानों-शिक्षकों पर दर्ज केस वापस लेने का एलान किया
03 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
04 शिक्षा चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ वॉकाथॉन, प्रशासन ने हरी झंडी दिखाई

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.