शशि थरूर के बेटे ने अमेरिका में हनुमान मूर्ति विवाद पर जताया विरोध
ईशान थरूर ने इतिहास के आंकड़े पेश कर अमेरिका में धार्मिक असहिष्णुता पर सवाल उठाए
कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर ने अमेरिका में हनुमान जी की मूर्ति को लेकर हो रहे विवाद पर धार्मिक असहिष्णुता के खिलाफ विरोध जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म की प्राचीनता का उल्लेख करते हुए इस तरह के विवादों पर सवाल उठाए हैं।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर ने अमेरिका में हनुमान जी की मूर्ति को लेकर हो रहे विवाद पर तीखा विरोध जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर धार्मिक असहिष्णुता के खिलाफ इतिहास के आंकड़े पेश कर अपनी बात रखी।
ईशान थरूर ने बताया कि अमेरिका में ईसाई धर्म के आने से सैकड़ों साल पहले हिंदू धर्म की मौजूदगी भारत में थी। उन्होंने यह बात उस समय कही जब सोशल मीडिया पर एक यूजर ने हनुमान जी की मूर्ति की तस्वीर साझा कर उसे गिराने की बात कही थी। ईशान ने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका हनुमान जी की मूर्ति को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है।
ईशान थरूर अमेरिका में पत्रकार हैं और अंतरराष्ट्रीय मामलों तथा वैश्विक राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने करीब एक दशक तक वॉशिंगटन पोस्ट में वर्ल्ड व्यू कॉलम लिखा और 2026 में ग्लोबल नोट्स नाम से एक अंतरराष्ट्रीय राजनीति कॉलम शुरू किया।
उन्होंने 2006 में येल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और पढ़ाई के दौरान सड्लर फैलोशिप भी प्राप्त की। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने टाइम मैगजीन से की थी, जहां वे आठ साल तक सीनियर एडिटर और संवाददाता रहे। इसके बाद वॉशिंगटन पोस्ट में काम किया, जहां 2021 में अमेरिकन एकेडमी ऑफ डिप्लोमेसी ने उन्हें आर्थर रॉस मीडिया अवॉर्ड फॉर कॉमेंट्री से सम्मानित किया।
ईशान ने 2018 से 2020 के बीच स्कूल ऑफ फॉरिन सर्विस में ग्लोबल अफेयर्स इन द डिजिटल एज नाम का कोर्स भी पढ़ाया। वे काउंसिल ऑन फॉरिन रिलेशंस में 2026-27 के लिए एडवर्ड आर मरो प्रेस फैलो भी हैं।
सोशल मीडिया पर धार्मिक राष्ट्रवादियों को दुनिया के सबसे कमजोर और कम आत्मसम्मान वाले लोग बताते हुए ईशान ने अमेरिका में हो रहे धार्मिक असहिष्णुता के खिलाफ आवाज उठाई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ईशान थरूर ने हनुमान मूर्ति विवाद पर क्या कह दिया?
- उन्होंने धार्मिक असहिष्णुता के खिलाफ सोशल मीडिया पर इतिहास के आंकड़े पेश कर अपनी राय दी।
- ईशान थरूर की पत्रकारिता में क्या खास है?
- उन्होंने टाइम मैगजीन में आठ साल सीनियर एडिटर और संवाददाता के रूप में काम किया।
- ईशान थरूर की शैक्षिक पृष्ठभूमि क्या है?
- उन्होंने 2006 में येल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और सड्लर फैलोशिप प्राप्त की थी।
- ईशान थरूर ने शिक्षण क्षेत्र में क्या योगदान दिया है?
- 2018 से 2020 के बीच उन्होंने स्कूल ऑफ फॉरिन सर्विस में ग्लोबल अफेयर्स का कोर्स पढ़ाया।
- ईशान थरूर ने धार्मिक राष्ट्रवादियों के बारे में क्या बताया?
- उन्होंने धार्मिक राष्ट्रवादियों को दुनिया के सबसे कमजोर और कम आत्मसम्मान वाले लोग बताया।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद









Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.