अमेरिका देगा इजरायल को 2.8 अरब डॉलर के 40 हजार बम
ट्रंप प्रशासन की योजना के तहत 7 अक्टूबर हमले के बाद सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की तैयारी
अमेरिका इजरायल को 2.8 अरब डॉलर के हथियारों का पैकेज देने जा रहा है जिसमें 40 हजार बम शामिल हैं। यह डील 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद मध्य पूर्व में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के प्रयासों के तहत की जा रही है। जर्मनी में अमेरिका, इजरायल और आठ अरब देशों के सैन्य नेताओं की बैठक भी हुई, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की गई।
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रॉयटर। अमेरिका इजरायल को 2.8 अरब डॉलर के हथियारों का एक बड़ा पैकेज देने की तैयारी में है, जिसमें 40 हजार शक्तिशाली बम शामिल हैं। यह प्रस्तावित डील 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद मिडिल ईस्ट में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है।
इस 2.8 अरब डॉलर के पैकेज में 40 हजार बम शामिल हैं, जिनमें 2,000 पाउंड वजन वाले एमके-84 और बीएलयू-117 बम हैं। इनमें कुछ बम जमीन के नीचे गहरे लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए बनाए गए हैं, जबकि कुछ जमीन के ऊपर फटते हैं और बड़े इलाके में भारी तबाही मचा सकते हैं।
ट्रंप प्रशासन ने इस डील की योजना बनाई थी, लेकिन बाइडेन प्रशासन ने दो साल पहले इसकी डिलीवरी रोक दी थी। अब यह प्रस्तावित डील ट्रंप प्रशासन की इजरायल की सैन्य क्षमता बढ़ाने की कोशिशों की कड़ी में एक अहम कदम माना जा रहा है।
दो अमेरिकी अधिकारियों और एक योजना की जानकारी रखने वाले व्यक्ति ने बताया कि इस डील का ज़्यादातर भुगतान विदेशी सैन्य वित्तपोषण से किया जाएगा, जिसमें अमेरिकी टैक्सपेयर्स का पैसा इजरायल को दिया जाता है ताकि वह अमेरिका से हथियार खरीद सके।
कांग्रेस को इस लंबित डील के बारे में अनौपचारिक रूप से जानकारी दी गई है। पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने सामान्य कांग्रेसी समीक्षा प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए इजरायल को लगभग 3 अरब डॉलर की बिक्री मंज़ूर की थी, और जनवरी में 6.67 अरब डॉलर के हथियारों की नई सीरीज़ को मंज़ूरी दी गई थी।
गाजा में जारी संघर्ष में बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी मारे गए हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमलों में 73,264 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें युद्धविराम के बाद मारे गए लोग भी शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि गाजा में इस्तेमाल किए गए बमों में अमेरिका में बने बम भी शामिल हैं। इन बमों का इस्तेमाल हमास के सुरंग नेटवर्क को निशाना बनाने के लिए किया गया, लेकिन घनी आबादी वाले इलाकों में लोगों की मौत भी हुई।
2023 में दक्षिणी इजरायल पर हमास के हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए और 251 लोग बंधक बनाए गए थे।
इसी बीच, जर्मनी में अमेरिका, इजरायल और आठ अरब देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की एक बैठक हुई, जिसमें मिडिल ईस्ट में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। इस बैठक को अमेरिका के सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने आयोजित किया था।
बैठक में इजरायल, सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और मिस्र के सैन्य प्रमुख शामिल हुए, जिनमें कुछ ऐसे अरब देश भी थे जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं।
अमेरिका ने बैठक में अपने सहयोगियों को बताया कि ईरानी हमलों के बावजूद वह मिडिल ईस्ट से अपनी सेना हटाने की योजना नहीं बना रहा है। एडमिरल ब्रैड कूपर ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में शिप ट्रैफिक बढ़ाने की अमेरिकी योजना के बारे में भी जानकारी दी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- इस हथियार पैकेज में शामिल बमों की खासियत क्या है?
- कुछ बम गहरे भूमिगत लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए बनाए गए हैं, जबकि अन्य जमीन के ऊपर फटकर बड़े इलाके को प्रभावित करते हैं।
- इस डील की वित्तीय सहायता कैसे की जाएगी?
- डील का ज्यादातर भुगतान विदेशी सैन्य वित्तपोषण के तहत किया जाएगा, जिसमें अमेरिकी टैक्सपेयर्स का पैसा भी शामिल है।
- अमेरिका की मिडिल ईस्ट में सेना रखने की क्या नीति है?
- अमेरिका ने कहा है कि ईरानी हमलों के बावजूद वह मिडिल ईस्ट से अपनी सेना नहीं हटाएगा।
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