राजस्थान में टारगेट केस योजना के विरोध में छह सितंबर तक हड़ताल
नसीराबाद के वकीलों ने न्यायालय की नई कार्ययोजना के खिलाफ छह दिन तक काम बंद रखने का फैसला किया
नसीराबाद और विराटनगर के स्थानीय वकील संघों ने राजस्थान उच्च न्यायालय की टारगेट केस निस्तारण योजना के विरोध में 1 से 6 सितंबर तक हड़ताल की घोषणा की है। वकीलों का दावा है कि इस योजना से न्याय की गुणवत्ता प्रभावित होगी और न्यायार्थियों को न्याय मिलने की संभावना कम होगी।
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नसीराबाद। नसीराबाद के स्थानीय बार एसोसिएशन ने राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की टारगेट केस निस्तारण योजना के विरोध में 1 से 6 सितंबर तक कार्य स्थगन का ऐलान किया है। वकीलों का कहना है कि इस योजना से न्यायार्थियों को न्याय मिलने की संभावना कम हो जाएगी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष अजमेरा ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय की ओर से जारी इस कार्ययोजना के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। मंगलवार को दूसरे दिन भी अभिभाषक संघ का विरोध जारी रहा और उन्होंने फेज छह के आदेश में संशोधन न होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।
धरने में संघ के अध्यक्ष प्रमोद इंदौरिया, सचिव गोविंदसिंह खठोड़, उपाध्यक्ष आशुतोष पुरोहित, प्रवक्ता गौतम नाथोलिया सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे।
वहीं विराटनगर के वकील संघ ने राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि निचली अदालतों में केवल केस निपटाने की संख्या पर जोर दिया जा रहा है, जिससे न्याय की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
विराटनगर वकील संघ ने कोटपूतली जिला वकील संघ के साथ मिलकर छह सितंबर तक अदालती काम बंद रखने का फैसला किया है। यह निर्णय संघ के अध्यक्ष रामावतार शर्मा और सचिव विनोद कुमार गुर्जर के नेतृत्व में लिया गया। उपाध्यक्ष चिरंजी लाल, कोषाध्यक्ष बलबीर सिंह, पुस्तकालय अध्यक्ष ओमप्रकाश सैनी और मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार गुर्जर सहित सभी कार्यकारिणी सदस्य इस दौरान अदालती काम से दूर रहेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- वकीलों का विरोध कब तक चलने वाला है?
- यह हड़ताल 1 से 6 सितंबर तक चलने वाली है।
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