विद्यार्थियों ने विश्व शांति दिवस पर शपथ ली
नोएडा के महर्षि विद्या मंदिर में कक्षा छह से आठ के बच्चों ने ध्यान और प्राणायाम किया
नोएडा के महर्षि विद्या मंदिर में विश्व शांति दिवस पर विद्यार्थियों ने शांति पाठ, ध्यान और प्राणायाम किया तथा शांति और जनकल्याण के लिए शपथ ली। कार्यक्रम में शिक्षकों ने शांति के महत्व और युद्ध के विपरीत शांति के रास्ते पर चलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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नोएडा के सेक्टर-110 स्थित महर्षि विद्या मंदिर में अंतरराष्ट्रीय विश्व शांति दिवस पर गुरु परंपरा पूजन, सामूहिक ध्यान और प्राणायाम का आयोजन हुआ। इसमें कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया और शांति पाठ के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ।
ध्यान शिक्षक शशि भूषण ने विद्यार्थियों को शांति और सद्भाव के महत्व के बारे में बताया। प्रधानाचार्य उमेश सिंह सेंगर ने कहा कि शांति को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर दैनिक व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में शिक्षिका प्रियंका सिन्हा ने सभी को विश्व शांति और जनकल्याण के लिए शपथ दिलाई।
डॉ. सौरव कुमार ने उद्घाटन भाषण में कहा कि मानव में दया, करुणा, सहानुभूति और प्रेम होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आज विश्व के कई देश युद्ध में शामिल हैं, जो मानवता के लिए गंभीर संकट है। युद्ध से शांति की स्थापना संभव नहीं है, बल्कि शांति के रास्ते पर चलकर ही मानव और विश्व का कल्याण हो सकता है।
प्राचार्य डॉ. तारकेश्वर पंडित ने कहा कि बिना शांति के किसी समाज और देश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि आज विश्व में इतनी उथल-पुथल मची है कि मानव ही मानव का दुश्मन बन गया है। एक देश दूसरे देश पर आक्रमण कर उसकी संस्कृति, सभ्यता और संसाधनों को समाप्त करने पर तुला है। शांति के मार्ग से ही सभी जीव-जंतु का कल्याण संभव है। इसलिए किसी भी कीमत पर शांति के माध्यम से समस्या का समाधान करना होगा।
कार्यक्रम में कई छात्रों ने अपने विचार व्यक्त किए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- विश्व शांति दिवस पर किस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए?
- कार्यक्रम में गुरु परंपरा पूजन, सामूहिक ध्यान, प्राणायाम और शांति पाठ शामिल थे।
- डॉ. सौरव कुमार ने युद्ध के बारे में क्या कहा?
- उन्होंने बताया कि कई देश युद्ध में हैं जो मानवता के लिए गंभीर संकट है और युद्ध से शांति संभव नहीं।
- प्राचार्य डॉ. तारकेश्वर पंडित ने शांति के बिना क्या बताया?
- उन्होंने कहा कि बिना शांति किसी समाज और देश का विकास संभव नहीं है।
- कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने क्या किया?
- कई छात्रों ने अपने विचार व्यक्त कर कार्यक्रम को सक्रिय बनाया।
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