सुप्रीम कोर्ट से बरी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में फांसी लगाई
निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने 19 साल जेल में रहने के बाद खुदकुशी की
हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट से बरी सुरेंद्र कोली का शव चाय की दुकान में रस्सी से लटका मिला है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। सुरेंद्र कोली निठारी कांड के मुख्य आरोपी थे, जिन्हें लंबे समय जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में बरी किया गया था।
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सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में उन्हें बरी किया था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
आत्महत्या की घटना
हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में सुरेंद्र कोली का शव चाय की दुकान में रस्सी से लटका मिला। वह कुछ महीनों से यहां चाय बेच रहा था और दुकान किराए पर लेकर चला रहा था। पुलिस को सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी। जांच में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने अल्मोड़ा निवासी स्वजनों को सूचना दी है और हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
निठारी कांड का इतिहास
29 दिसंबर 2006 को उसकी कोठी के पीछे नाले से मानव अवशेष मिले थे। इसके बाद CBI ने जांच की और कोली पर हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और सबूत मिटाने के कई मुकदमे चले। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन 2015 में सजा को उम्रकैद में बदला गया। करीब 19 साल जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उसे बरी कर दिया था।
जांच और वैधानिक कार्रवाई
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सुरेंद्र कोली के आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। हरिद्वार पुलिस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।
सुरेंद्र कोली निठारी कांड में आरोपित रहा है
कुंदन सिंह राणा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट ने क्यों बरी किया?
- सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में मामले की पुनः समीक्षा के बाद सुरेंद्र कोली को बरी किया था।
- पुलिस ने आत्महत्या की जांच में क्या कदम उठाए हैं?
- पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है और हर एंगल से मामले की गहन पड़ताल कर रही है।
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