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शी जिनपिंग ने मिस्र में 10 अरब डॉलर से अधिक निवेश का किया उल्लेख

चीन और मिस्र के बीच व्यापार 20 अरब डॉलर के करीब, क्षेत्रीय रणनीति पर चर्चा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सप्ताह मिस्र के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चीन ने मिस्र में 10 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार करीब 20 अरब डॉलर का बताया जाता है।
AI सार

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग मिस्र के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जहां उन्होंने मिस्र में 10 अरब डॉलर से अधिक के निवेश का उल्लेख किया। मिस्र और चीन के बीच 70 वर्षों का राजनयिक संबंध है और दोनों देशों ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत सहयोग के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

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काहिरा एयरपोर्ट पर शी जिनपिंग का स्वागत करते मिस्र के राष्ट्रपति
काहिरा एयरपोर्ट पर शी जिनपिंग का स्वागत करते मिस्र के राष्ट्रपति / सोशल मीडिया

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 चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सप्ताह मिस्र के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चीन ने मिस्र में 10 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार करीब 20 अरब डॉलर का बताया जाता है।

शी जिनपिंग मंगलवार शाम काहिरा एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उनका मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और सैन्य गार्डों ने रेड कार्पेट समारोह के साथ स्वागत किया। दोनों नेताओं के बुधवार को बातचीत करने का कार्यक्रम है। शी जिनपिंग ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम का भी दौरा करेंगे, जो गीजा के पिरामिडों के पास स्थित है। यह उनकी मिस्र की करीब एक दशक बाद पहली यात्रा है और 2022 में सऊदी अरब दौरे के बाद पश्चिम एशिया की पहली यात्रा भी है।

चीन और मिस्र इस साल अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष पूरे कर रहे हैं। इसी मौके पर दोनों देशों के नेताओं ने मिस्र के सरकारी अखबारों में दोस्ताना लेख प्रकाशित किए। शी जिनपिंग ने दोनों देशों से विकास के जरिए व्यावहारिक सहयोग का दायरा बढ़ाने की अपील की। वहीं, अल-सीसी ने मिस्र में चीन के निवेश की सराहना की और ताइवान को चीन का हिस्सा मानने वाले बीजिंग के दावे का समर्थन दोहराया।

मिस्र चीन के साथ बढ़ते रिश्तों को अपनी रणनीतिक साझेदारियों में विविधता लाने का अवसर मानता है। 2023 में मिस्र को ब्रिक्स में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था, जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रमुख मंच है। इसके एक साल बाद चीन और मिस्र ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत सहयोग के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यह पहल चीन की आर्थिक और रणनीतिक पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चीन ने मिस्र में 10 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है, जिसमें काहिरा के पूर्व में बिजनेस हब और नील डेल्टा में औद्योगिक क्षेत्र के लिए इलेक्ट्रिक रेल लाइन जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार करीब 20 अरब डॉलर का बताया जाता है, जबकि 2025 में अमेरिका और मिस्र के बीच व्यापार 15.7 अरब डॉलर रहा था।

चीन लंबे समय से पश्चिम एशिया में अपनी कूटनीतिक और आर्थिक भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। 2023 में बीजिंग ने ईरान और सऊदी अरब के बीच राजनयिक संबंध बहाल कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी, जो अमेरिका के प्रभाव को चुनौती देने की चीन की महत्वाकांक्षा का उदाहरण माना गया। हालांकि, इसके बाद से तेहरान और रियाद के रिश्तों में फिर तनाव देखने को मिला है।

चीन खुद को क्षेत्र में एक मध्यस्थ और स्थिरता कायम करने वाली ताकत के रूप में पेश करता रहा है। इजरायल-फिलिस्तीन विवाद पर भी बीजिंग लंबे समय से दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन करता है। ईरान युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही प्रभावित होने के बीच मिस्र की स्वेज नहर ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग बन गई है। पश्चिम एशिया और यूरोप के बीच समुद्री व्यापार के लिए स्वेज नहर की अहमियत को देखते हुए चीन के लिए मिस्र के साथ रिश्ते मजबूत करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञ मुहम्मद जुल्फिकार रहमत, सेंटर ऑफ इकोनॉमिक एंड लॉ स्टडीज से, कहते हैं कि चीन के पास मिस्र के साथ रिश्ते मजबूत करने की अच्छी वजह है, क्योंकि यह देश व्यापक अरब और अफ्रीकी दुनिया तक पहुंचने का एक आधार है।

आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों के साथ दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग भी मजबूत हुआ है। अगस्त में चीन और मिस्र ने मिस्र के कई सैन्य ठिकानों पर बहुदिवसीय हवाई अभ्यास किया था। यह पहली बार था जब चीन के जे-16 लड़ाकू विमानों और मिस्र के फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमानों ने संयुक्त युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया।

शी जिनपिंग की मिस्र यात्रा ऐसे समय हो रही है जब वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन की दो दिवसीय बैठक में हिस्सा लेने के बाद काहिरा पहुंचे हैं। एससीओ को वैश्विक स्तर पर अमेरिकी प्रभाव के मुकाबले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सुरक्षा समूह के रूप में देखा जाता है। बिश्केक बैठक में रूस, भारत, पाकिस्तान और ईरान के नेता भी शामिल हुए थे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शी जिनपिंग का मिस्र का दौरा कब शुरू हुआ?
शी जिनपिंग का मिस्र का दौरा इस सप्ताह शुरू हुआ है।
मिस्र और चीन के बीच व्यापार कितना होता है?
दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार करीब 20 अरब डॉलर का होता है।
चीन ने किस क्षेत्र में प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभाई?
चीन ने 2023 में ईरान और सऊदी अरब के बीच राजनयिक संबंध बहाल कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

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Published2 सितंबर 2026, 16:18 IST IST
Last updated4 सितंबर 2026, 08:27 IST IST
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