योगी सरकार ने 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सुरक्षा कवर शुरू किया
उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय बढ़ा, बीमा और अन्य सुविधाएं मिलीं
उत्तर प्रदेश सरकार ने 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सुरक्षा कवर प्रदान करने की घोषणा की है, जिसमें बेहतर मानदेय, बीमा कवर और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही, आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से कर्मचारियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाने और उनकी भर्तियों को डिजिटल माध्यम से संचालित करने की व्यवस्थाएं की गई हैं।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की वेबसाइट, लोगो और कार्यालय का लोकार्पण किया। इस पहल के तहत करीब 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को बेहतर मानदेय, बीमा कवर और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। सरकार ने कर्मचारियों के हितों और भविष्य की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
निगम की स्थापना और उद्देश्य
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन पिछले वर्ष 19 सितंबर को शासनादेश के माध्यम से किया गया था। इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रबंधन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निगम केवल प्रबंधन तक सीमित नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और गरिमा को स्थापित करने के लिए भी है। उन्होंने बताया कि सरकार और कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन का नहीं है, बल्कि श्रम के सम्मान और सामाजिक न्याय से जुड़ा है।
मानदेय वृद्धि और बीमा सुविधाएं
निगम के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम 20 हजार से 40 हजार रुपये तक मानदेय मिलेगा। इसके अलावा आकस्मिक दवा के लिए 5 लाख और एयर एम्बुलेंस के लिए 10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। दुर्घटना या आपदा की स्थिति में 20 लाख से 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर परिवार को मिलेगा। कर्मचारियों को 50 लाख रुपए तक का बीमा कवर भी प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन और मेहनत के अनुरूप मानदेय मिलना चाहिए।
डिजिटल एकीकरण और भर्ती प्रक्रिया
निगम ने मानव संसाधन प्रबंधन को डिजिटल माध्यम से एकीकृत करने की शुरुआत की है। इसके तहत मैनपावर मुहैया कराने वाली एजेंसियों का रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर होगा और विभाग भी भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। आउटसोर्स कार्मिकों की भर्तियां लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से होंगी, जबकि श्रेणी-तीन और चार के पदों पर साक्षात्कार नहीं होगा। नियमानुसार भर्तियों में आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।
कर्मचारियों के हित और सामाजिक न्याय
आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी व्यवस्थाओं में बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पहले आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारें बोझ मानती थीं, लेकिन अब उनकी सेवा-सुरक्षा और हितों का संरक्षण प्राथमिकता है। प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और श्रमिकों का विकास यात्रा में योगदान रहा है।
कर्मचारी को महसूस होना चाहिए कि उसके बेहतर काम का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और उसके भविष्य को सुरक्षित रखने का ध्यान रखा जा रहा है
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
आउटसोर्स कर्मियों के खाते में भविष्य निधि का पैसा भी जमा होगा
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की स्थापना कब हुई?
- इसकी स्थापना पिछले वर्ष 19 सितंबर को शासनादेश के माध्यम से की गई थी।
- आउटसोर्स कर्मचारी की सुरक्षा पर सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
- आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन, बीमा कवर और बेहतर मानदेय दिया जाएगा।
- भर्ती प्रक्रिया में क्या बदलाव होंगे?
- भर्तियां लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से होंगी, और पोर्टल पर एजेंसियों का रजिस्ट्रेशन होगा।
- उत्तर प्रदेश सरकार का आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रति नया दृष्टिकोण क्या है?
- सरकार अब आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ नहीं मानती, बल्कि उनकी सेवा-सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देती है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद









Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.