सिंहस्थ क्षेत्र में 10 हजार वर्गफीट अवैध निर्माण ध्वस्त
उज्जैन में महापर्व की तैयारी में नगर निगम ने आश्रम के बिना अनुमति निर्माण को हटाया
उज्जैन के सिंहस्थ क्षेत्र में महापर्व की तैयारियों के तहत नगर निगम ने बिना अनुमति बनाए गए करीब 10 हजार वर्गफीट के अवैध निर्माण को ध्वस्त किया है। हिमाचल प्रदेश के सरकाघाट में भी उच्च न्यायालय के आदेश पर 42 अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाइयां शुरू कर दी गई हैं। प्रशासन ने अवैध कब्जे और निर्माण पर सख्त कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया है।
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उज्जैन के सिंहस्थ क्षेत्र में महापर्व की व्यवस्थाओं के लिए आरक्षित भूमि पर बिना अनुमति बनाए गए करीब 10 हजार वर्गफीट के अवैध निर्माण को नगर निगम की टीम ने ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत की गई है और आगे भी अवैध कब्जे पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नगर निगम की टीम ने सोमवार को लालपुल ब्रिज मार्ग स्थित माधवानंद आश्रम द्वारा सिंहस्थ क्षेत्र की सरकारी भूमि पर बिना अनुमति दो मंजिला भवन का निर्माण चल रहा था, उसे चार जेसीबी और पोकलेन मशीन के साथ पूरी तरह ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल तैनात रहा ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि महापर्व की व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचे के लिए आरक्षित है, इसलिए यहां बिना अनुमति स्थायी या अस्थायी निर्माण और भूमि का अनधिकृत उपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के सरकाघाट में भी हाई कोर्ट के आदेश के बाद 42 अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। एसडीएम राजेंद्र गौतम की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों और नगर परिषद के प्रतिनिधियों की बैठक में इन निर्माणों को ध्वस्त करने और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का प्लान बनाया गया। नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता को दो दिनों में सभी मामलों की स्थलवार सत्यापित सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें अवैध निर्माण की प्रकृति, संबंधित व्यक्ति का नाम और वर्तमान स्थिति का पूरा ब्योरा होगा।
नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम की धारा 39(6) के तहत दोषियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। विद्युत विभाग को चिह्नित निर्माणों की बिजली आपूर्ति काटने और तीन दिनों में अनुपालना रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं। जलशक्ति विभाग को पेयजल कनेक्शन काटने और रोजाना की प्रगति रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय में जमा कराने को कहा गया है। राजस्व विभाग और पुलिस को भी कार्रवाई सुचारू रूप से चलाने के लिए अलर्ट किया गया है। तहसीलदार को राजस्व कर्मचारियों की सहायता उपलब्ध कराने और भूमि अभिलेखों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। डीएसपी सरकाघाट को पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में डीएसपी संजीव गौतम, जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता लेखराज शर्मा, विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता राज कुमार गुप्ता और नगर परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
यह कार्रवाई सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के बीच की गई है, जो पिछले 15 दिनों से चर्चा में है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि महापर्व के लिए आरक्षित है और अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अवैध निर्माण की ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे?
- ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस बल तैनात रखा गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
- सरकाघाट में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई में कौन-कौन शामिल हैं?
- एसडीएम, नगर परिषद, विद्युत, जलशक्ति, राजस्व विभाग और पुलिस सहित कई अधिकारी शामिल हैं।
- अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन ने क्या आदेश दिए हैं?
- विद्युत विभाग को बिजली कटौती, जलशक्ति विभाग को पेयजल कनेक्शन काटने के आदेश दिए गए हैं।
- नगर परिषद से स्थलवार सत्यापन की क्या आवश्यकता है?
- अनुमति के बिना बने निर्माणों की प्रकृति, संबंधित व्यक्ति और स्थिति का ब्योरा तैयार करने के लिए।
- सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि किस लिए आरक्षित है?
- यह भूमि महापर्व की व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचे के लिए आरक्षित है।
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