दुनिया 2 MIN READ

अमेरिका को ग्रीनलैंड में स्थायी सुरक्षा नियंत्रण मिला

डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ ऐतिहासिक रक्षा समझौते की घोषणा की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 सितंबर को डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की। इस समझौते के तहत अमेरिका को आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड में रक्षा और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं पर स्थायी नियंत्रण मिलेगा।
AI सार

अमेरिका और डेनमार्क के बीच हुए समझौते के तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड में रक्षा और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं पर स्थायी नियंत्रण मिलेगा। इसके अंतर्गत अमेरिका किसी भी प्रतिद्वंद्वी देश को ग्रीनलैंड में सैन्य अड्डा लगाने या निवेश करने से रोक सकेगा। यह समझौता अनिश्चितकालीन वैध रहेगा और अमेरिका ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाएगा।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

ग्रीनलैंड में अमेरिकी सुरक्षा समझौते की घोषणा
ग्रीनलैंड में अमेरिकी सुरक्षा समझौते की घोषणा / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 सितंबर को डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा की। इस समझौते के तहत अमेरिका को आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड में रक्षा और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं पर स्थायी नियंत्रण मिलेगा।

समझौते के मुख्य बिंदु

इसके तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का स्थायी अधिकार मिलेगा। किसी भी प्रतिद्वंद्वी देश जैसे रूस या चीन को अमेरिका की लिखित अनुमति के बिना ग्रीनलैंड में सैन्य अड्डा बनाने, सैन्य मौजूदगी रखने या संवेदनशील निवेश करने की अनुमति नहीं होगी।

ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन खनिजों से समृद्ध डेनिश इलाके में बड़ी सैन्य मौजूदगी बनाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करेगा। अमेरिका जल्द ही द्वीप पर बड़ी सैन्य मौजूदगी की घोषणा करेगा, जहां पहले से ही अमेरिकी स्पेस फोर्स का बेस मौजूद है। यह समझौता अनिश्चित काल के लिए वैध रहेगा और इसकी कोई समाप्ति तिथि नहीं है।

रणनीतिक महत्व और प्रतिक्रिया

ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है और उत्तरी अमेरिका व यूरोप के बीच रणनीतिक भौगोलिक स्थिति रखता है। यह आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक समुद्री मार्गों के निकट होने के कारण सुरक्षा चर्चाओं में महत्वपूर्ण है।

रुबियो ने यह भी बताया कि इस समझौते के तहत नाटो में शामिल न होने वाले देशों को ग्रीनलैंड में सैन्य बेस बनाने से रोका जाएगा। यह फैसला अमेरिका, डेनमार्क, ग्रीनलैंड और सभी मित्र देशों के हित में एक बेहतरीन समाधान है। यूरोपीय संघ, डेनमार्क और ग्रीनलैंड भी आपस में रणनीतिक साझेदारी बढ़ा रहे हैं। सितंबर 2026 में यूरोपीय आयोग ने ग्रीनलैंड में डिजिटल कनेक्टिविटी, टिकाऊ ऊर्जा और शिक्षा के क्षेत्र में 200 मिलियन यूरो के निवेश की घोषणा की थी।

यह समझौता अमेरिका की सभी सुरक्षा चिंताओं को पूरी तरह हल करता है और इसके लिए वाशिंगटन को कोई वित्तीय लागत नहीं चुकानी पड़ेगी

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति

ग्रीनलैंड हमेशा उत्तरी अमेरिका के रणनीतिक रक्षा क्षेत्र का हिस्सा रहेगा और किसी भी विरोधी को इससे और इसके आस-पास के इलाके से दूर रखेगा

मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यह सुरक्षा समझौता कब और किसके बीच हुआ?
यह समझौता 19 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच हुआ।
क्या इस समझौते की कोई समाप्ति तिथि है?
नहीं, यह समझौता अनिश्चित काल के लिए वैध रहेगा और इसकी कोई समाप्ति तिथि नहीं है।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजस्थान बहरोड़ में वार्ड 32 के प्रत्याशी बुद्धाराम गढ़वाल लापता
02 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
03 National ONGC को ओडिशा के समुद्र में 1450 मीटर गहराई पर गैस मिली
04 राजस्थान निहालगंज में जनरल स्टोर से 80 हजार रुपए चोरी
Trust & Transparency

How this story was handled

Published19 सितंबर 2026, 12:00 IST IST
Last updated19 सितंबर 2026, 12:00 IST IST
Latest newsroom actionnews-desk (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under दुनिया and aligned with that desk's editorial standards.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from दुनिया.

दुनिया

रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों की निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो

दुनिया

अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र में आने की अनुमति दी

टेक्नोलॉजी

जॉर्डन हमले में चीनी सैटेलाइट तस्वीरों से ईरान को मदद का दावा

बिजनेस

डोनाल्ड ट्रंप 100% टैरिफ पर आज रात कर सकते हैं साइन

बिजनेस

ट्रंप ने रूस-ईरान तेल आयात पर 100% टैरिफ कानून को दी मंजूरी

Recommended Stories

More from दुनिया
रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों की निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

रूस-चीन ने ईरान प्रतिबंधों की निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026
अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र में आने की अनुमति दी
दुनिया
इससे जुड़ी ख़बरें

अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र में आने की अनुमति दी

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026
जॉर्डन हमले में चीनी सैटेलाइट तस्वीरों से ईरान को मदद का दावा
टेक्नोलॉजी
इससे जुड़ी ख़बरें

जॉर्डन हमले में चीनी सैटेलाइट तस्वीरों से ईरान को मदद का दावा

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 14 सितंबर 2026
डोनाल्ड ट्रंप 100% टैरिफ पर आज रात कर सकते हैं साइन
बिजनेस
इससे जुड़ी ख़बरें

डोनाल्ड ट्रंप 100% टैरिफ पर आज रात कर सकते हैं साइन

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026
ट्रंप ने रूस-ईरान तेल आयात पर 100% टैरिफ कानून को दी मंजूरी
बिजनेस
इससे जुड़ी ख़बरें

ट्रंप ने रूस-ईरान तेल आयात पर 100% टैरिफ कानून को दी मंजूरी

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 19 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजस्थान बहरोड़ में वार्ड 32 के प्रत्याशी बुद्धाराम गढ़वाल लापता
02 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
03 National ONGC को ओडिशा के समुद्र में 1450 मीटर गहराई पर गैस मिली
04 राजस्थान निहालगंज में जनरल स्टोर से 80 हजार रुपए चोरी

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.