धनबाद कोर्ट ने गैंगस्टर बंटी खान की जमानत याचिका खारिज की
नन्हे हत्याकांड में बंटी खान को रिमांड पर लिया जाएगा, रांची कोर्ट ने पेपर लीक आरोपितों की जमानत भी खारिज की
धनबाद कोर्ट ने गैंगस्टर बंटी खान की नन्हे हत्याकांड मामले में जमानत याचिका खारिज कर दी है। साथ ही रांची की अदालत ने जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक मामले में आरोपी सुषमा कुमारी और अक्षय कुमार तिवारी की भी जमानत याचिका अस्वीकृत की है। दोनों मामलों में आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
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धनबाद कोर्ट ने गैंगस्टर प्रिंस खान के भाई बंटी खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है। बंटी को कोलकाता से गिरफ्तार कर धनबाद लाया गया था और वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। नन्हे हत्याकांड मामले में उसे रिमांड पर लिया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि बंटी खान दुबई भागने की फिराक में था। उसकी गिरफ्तारी के बाद कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी जारी की गई थी। धनबाद पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर वासेपुर में उसका परेड कराया था, जहां गैंगस्टर फहीम खान के बेटे इकबाल खान के समर्थकों ने उस पर हमला किया। पुलिस ने घेराबंदी के दौरान बंटी खान के साथ मारपीट भी की।
मामले की सुनवाई के दिन बंटी खान अदालत में उपस्थित नहीं था, उसकी ओर से प्रतिनिधित्व आवेदन दाखिल किया गया था जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
रांची की निचली अदालत ने जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक मामले में आरोपित अभय कुमार तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय कुमार तिवारी की जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने दोनों की याचिका को खारिज करते हुए आदेश पारित किया।
सीआइडी की टीम ने 19 अगस्त को सुषमा कुमारी और अक्षय कुमार तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। दोनों की गिरफ्तारी सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़ी है। जांच के दौरान यह सामने आया कि अभय कुमार तिवारी के साथ उसकी पत्नी और भाई भी इस परीक्षा में हुई गड़बड़ी से जुड़े थे।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि आरोपितों की रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है। अदालत ने बहस पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था और गुरुवार को आदेश सुनाते हुए दोनों की याचिका खारिज कर दी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या कोर्ट में बंटी खान मौजूद था?
- नहीं, बंटी खान अदालत में उपस्थित नहीं था, बल्कि उसकी ओर से प्रतिनिधित्व आवेदन दाखिल किया गया था।
- अभय कुमार तिवारी और परिवार के खिलाफ आरोप क्या हैं?
- वे सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े हुए हैं।
- अदालत ने जमानत खारिज क्यों की?
- अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी की रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है, जिसे अदालत ने स्वीकार किया।
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