चुनाव आयोग ने संधू को नाम अंतर पर नोटिस जारी किया
दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची में नामों की जांच जारी
दिल्ली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान चुनाव आयोग ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू को नाम में अंतर के कारण नोटिस जारी किया, जिसे तकनीकी त्रुटि बताया गया। 33.13 लाख मतदाताओं के नामों में विसंगति पाई गई है और उन्हें नोटिस भेजे गए हैं, जिनका निपटारा 29 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी।
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नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान चुनाव आयोग ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू को नाम में अंतर के कारण नोटिस जारी किया है। निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यह नोटिस विवाद के कारण नहीं, बल्कि तकनीकी त्रुटि के चलते भेजा गया।
नई दिल्ली जिला चुनाव कार्यालय और दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ने बताया कि पिछली मतदाता सूची और हाल ही में भरे गए एन्यूमरेशन फॉर्म के डेटा में नाम में अंतर पाया गया था। भारत निर्वाचन आयोग की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत ऐसे मतदाताओं को नोटिस भेजा जाता है जिनके नाम में कोई तार्किक या तकनीकी अंतर हो। यह प्रक्रिया ऑटो जेनरेटेड रूटीन सत्यापन का हिस्सा है।
निर्वाचन आयोग ने 14 मई 2026 की गाइडलाइंस के अनुसार न्यायपालिका के सदस्यों, जन प्रतिनिधियों, संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों और प्रमुख हस्तियों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल रखे हैं ताकि दावा और आपत्ति अवधि में आवश्यक दस्तावेज लेकर रिकॉर्ड दुरुस्त किया जा सके।
मतदाताओं द्वारा नोटिस मिलने पर दिए गए जवाबों और दस्तावेजों की जांच बूथ स्तर के अधिकारी करते हैं। सभी मामलों का समाधान 29 अक्टूबर 2026 तक किया जाना है।
चुनाव आयुक्त संधू द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों का गहन सत्यापन कर उनका वोटर रजिस्ट्रेशन वैध कर दिया गया है। उनका नाम दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में सुरक्षित रखा गया है, जो 4 नवंबर 2026 को आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी।
दिल्ली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कई प्रमुख हस्तियों को भी नाम में विसंगतियों के कारण नोटिस भेजे गए हैं। इनमें पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित अन्य नाम शामिल हैं।
दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची में लगभग 97 लाख मतदाता हैं, जिनमें से 33.13 लाख मतदाताओं के नामों में विसंगतियां पाई गईं और उन्हें नोटिस के लिए चिन्हित किया गया है। नोटिसों के निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- नोटिस किस प्रकार के मतदाताओं को भेजे गए हैं?
- नामों में तार्किक या तकनीकी अंतर वाले मतदाताओं को नोटिस भेजे जाते हैं।
- डॉ. सुखबीर सिंह संधू के नोटिस का क्या परिणाम हुआ?
- उनके दस्तावेजों का गहन सत्यापन कर वोटर रजिस्ट्रेशन वैध कर दिया गया।
- क्या केवल संधू को ही नोटिस जारी किए गए हैं?
- नहीं, कई प्रमुख हस्तियों जैसे आडवाणी, जयशंकर, धनखड़ को भी नोटिस भेजे गए हैं।
- नोटिस मिलने पर मतदाता क्या कर सकते हैं?
- मतदाताओं को दिए गए जवाबों और दस्तावेजों की जांच बूथ स्तर पर की जाती है।
- मतदाता सूची में कितने मतदाता सम्मिलित हैं?
- डेल्ही की मसौदा मतदाता सूची में लगभग 97 लाख मतदाता हैं।
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