हरियाणा पुलिस ने तिजारा के 18 कांग्रेस पार्षदों को हिरासत में लिया
चुनाव से पहले हरियाणा में कांग्रेस पार्षदों की गिरफ्तारी पर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने भाजपा पर लगाया आरोप
हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के तिजारा नगर परिषद के 18 कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों को चुनाव से पहले हिरासत में लिया है, जिससे सियासी तनाव बढ़ गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए पिंजौर थाने के बाहर धरना दिया है और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। वहीं, मालाखेड़ा में भी चुनाव के एक दिन पहले कांग्रेस पार्षद के पिता के आयरन स्टोर पर विभागीय जांच की गई।
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जयपुर। राजस्थान के तिजारा नगर परिषद के 18 कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों को हरियाणा पुलिस ने रविवार-सोमवार की दरमियानी रात हिरासत में लिया। यह कार्रवाई चुनाव से ठीक पहले हुई, जिससे सियासी तनाव बढ़ गया है। कांग्रेस नेताओं ने पंचकूला के पिंजौर थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया है।
हरियाणा पुलिस की कार्रवाई और कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने पार्षदों को हिरासत में लेकर जंगल में ले जाया। प्रशासन की ओर से SHO राजेश कुमार ने बताया कि उन्हें नहीं पता पार्षद कहां गए। इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता और परिजन पिंजौर थाने के बाहर नारेबाजी कर रहे हैं और थाने के भीतर धरना शुरू कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आरोप
उन्होंने कहा कि भाजपा अब लोकतंत्र की हत्या में केवल राजस्थान पुलिस को ही नहीं, बल्कि हरियाणा पुलिस को भी शामिल कर चुकी है। गहलोत ने बताया कि पंचकूला में की गई कार्रवाई सामान्य पुलिस जांच नहीं थी और यह पूरी कार्रवाई राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कहने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा करवाई जा रही है। उन्होंने दोनों राज्यों की सरकारों से स्थिति स्पष्ट करने और राज्य निर्वाचन आयोग से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
चुनाव से पहले मालाखेड़ा में विभागीय कार्रवाई
मालाखेड़ा में नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस पार्षद महेश गुप्ता के पिता शिब्बू के आयरन स्टोर पर जीएसटी और आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा। टीम ने दुकान में मौजूद सामान और दस्तावेजों की जांच की और जरूरी रिकॉर्ड अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई को लेकर विभाग की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे चुनाव से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
राजस्थान में कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों पर दबाव बनाने के बाद अब दूसरे राज्य की पुलिस का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री
बिना नंबर प्लेट और ढकी हुई नंबर प्लेट वाली गाड़ियों में आए पुलिसकर्मियों ने पार्षदों की बस और गाड़ियों को रोका और उन्हें अपने साथ ले गए
इमरान खान, नेता
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पार्षदों को जंगल में ले जाने का कांग्रेस का आरोप क्यों गंभीर माना जा रहा है?
- कांग्रेस का आरोप प्रशासन की पारदर्शिता और पार्षदों के सुरक्षित रख-रखाव पर सवाल उठाता है, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ता है।
- मालाखेड़ा में हुई विभागीय कार्रवाई का अगला कदम क्या हो सकता है?
- जांच रिपोर्ट के आने के बाद विभाग और चुनाव आयोग इस मामले में आगे की कार्रवाई कर सकते हैं।
- हरियाणा पुलिस की इस कार्रवाई के पीछे राजनीतिक कारण क्या हो सकते हैं?
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अनुसार, यह कार्रवाई राजस्थान और हरियाणा की भाजपा सरकारों के बीच राजनैतिक दबाव के तहत हुई है।
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