हाईकोर्ट ने चार मेडिकल कॉलेजों में 91% आरक्षण पर रोक लगाई
लखनऊ बेंच ने एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण के आधार पर काउंसलिंग जारी रखने की अनुमति दी
लखनऊ हाईकोर्ट ने चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 91 प्रतिशत आरक्षण लागू करने पर अंतरिम रोक लगाते हुए एससी 21%, एसटी 2%, और ओबीसी 27% आरक्षण के आधार पर काउंसलिंग जारी रखने की अनुमति दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को अन्य सरकारी कॉलेजों के समान आरक्षण व्यवस्था के अनुसार काउंसलिंग आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, साथ ही अंतिम आदेश के बाद ही दाखिले तय होंगे।
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लखनऊ हाईकोर्ट की बेंच ने 4 मार्च 2024 की विज्ञप्ति के तहत चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में करीब 91 प्रतिशत आरक्षण लागू करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय ने एससी के लिए 21 प्रतिशत, एसटी के लिए 2 प्रतिशत और ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर काउंसलिंग जारी रखने की अनुमति दी है।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने बताया कि चयन प्रक्रिया जून 2026 में पूरी हो चुकी है और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस स्तर पर चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप उचित नहीं है।
कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि चार मेडिकल कॉलेजों में अन्य सरकारी कॉलेजों के समान आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप काउंसलिंग आगे बढ़ाई जाए। हालांकि, काउंसलिंग और इसके आधार पर होने वाले दाखिले हाईकोर्ट के अंतिम आदेश के अधीन रहेंगे।
न्यायालय ने यह भी पाया कि पिछले वर्ष सरकार ने कोर्ट के समक्ष आश्वासन दिया था कि अगले शैक्षणिक सत्र से आरक्षण व्यवस्था वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप की जाएगी। इसके उल्लंघन पर अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग के विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही पर विचार किया जा रहा है।
इसके अलावा, हाईकोर्ट लखनऊ बेंच ने तकनीकी सहायक समूह-ग के 3446 पदों पर महिला आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने दिया।
याचियों ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 4 मार्च 2024 की विज्ञप्ति के उस प्रावधान को चुनौती दी थी जिसमें महिला अभ्यर्थियों को उनकी संबंधित श्रेणी में समायोजित करने का प्रावधान था।
नीट यूजी के जरिए एमबीबीएस में दाखिले को लेकर यह आदेश राज्य में आरक्षण व्यवस्था की दिशा तय करेगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि काउंसलिंग प्रक्रिया में फिलहाल रोक नहीं रहेगी, लेकिन अंतिम फैसला बाद में आएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या 91% आरक्षण पूरी तरह निष्पादित होगा?
- हाईकोर्ट ने इस आरक्षण पर अंतरिम रोक लगा दी है, अंतिम निर्णय बाद में होगा।
- चयन प्रक्रिया का क्या हाल है?
- चयन प्रक्रिया जून 2026 में पूरी हो चुकी है और नियुक्ति पत्र जारी हो चुके हैं।
- काउंसलिंग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- काउंसलिंग जारी रहेगी लेकिन हाईकोर्ट के अंतिम आदेश अधीन होगी।
- अपर मुख्य सचिव के खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?
- उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही पर विचार किया जा रहा है।
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