मेटा ने बाल यौन शोषण कंटेंट पर जिम्मेदारी स्वीकार की
इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े अश्लील विज्ञापनों की जांच में मेटा ने नई भूमिका मानी
मेटा ने भारत में बाल यौन शोषण सामग्री की जानकारी सीधे भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने का वादा किया है और खुद को केवल मध्यस्थ नहीं, बल्कि सर्विस प्रोवाइडर माना है। कंपनी ने कहा है कि वह अब बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाएगी और शिकायतें सीधे साइबर अपराध पोर्टल को देगी। एनसीपीसीआर ने मामले की जांच जारी रखी हुई है।
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नई दिल्ली। मेटा ने भारत में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में अपनी भूमिका बदलते हुए अब खुद को केवल मध्यस्थ नहीं, बल्कि सर्विस प्रोवाइडर माना है। कंपनी ने बाल यौन शोषण सामग्री की जानकारी सीधे भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने का वादा किया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मेटा ने स्वीकार किया है कि उसके एल्गोरिदम कंटेंट की पहुंच और विजिबिलिटी तय करते हैं, इसलिए वह केवल सूचना साझा करने वाला माध्यम नहीं रह गया। इस बदलाव को सोशल मीडिया क्षेत्र में मेटा के रुख में बड़ा और निर्णायक बदलाव माना जा रहा है।
मेटा इंडिया के अधिकारी अरुण श्रीनिवास 16 सितंबर को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के सामने पेश हुए। यह पेशी इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री वाले विज्ञापनों की जांच के सिलसिले में हुई। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर इस मामले का संज्ञान लिया था, जिसमें दावा किया गया था कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन दिखाए गए थे जिनसे बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री तक पहुंच बनाई जा सकती थी।
मेटा ने माना है कि वह अब बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी सीधे भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के साइबर क्राइम पोर्टल को देगा, जिससे शिकायतें सीधे जांच एजेंसियों तक पहुंच सकेंगी। पहले कंपनी यह जानकारी मुख्य रूप से अमेरिका की संस्था एनसीएमईसी को देती थी।
एनसीपीसीआर की जांच जारी है और आयोग मामले से जुड़े तथ्यों तथा कंपनी की प्रतिक्रिया की पड़ताल कर रहा है। इसी दिन आयोग ने बेंगलुरु में कैपजेमिनी के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी बच्चों के कथित दुर्व्यवहार के मामले में तलब किया।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मेटा ने एनसीपीसीआर के सामने वही पक्ष रखा जो कंपनी ने पहले इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सामने रखा था। अधिकारियों ने मीडिया के सवालों पर चुप्पी साधे रखी, लेकिन कंपनी ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अपराधियों को सजा दिलाने में सहयोग का भरोसा दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मेटा ने अपनी भूमिका में क्या बदलाव किया है?
- मेटा ने खुद को केवल मध्यस्थ नहीं, बल्कि सर्विस प्रोवाइडर माना है, जो अपनी एल्गोरिदम की जिम्मेदारी स्वीकार करता है।
- पहले मेटा बाल शोषण संबंधी सूचना किसे देता था?
- पहले मेटा इस जानकारी को मुख्य रूप से अमेरिका की संस्था एनसीएमईसी को भेजता था।
- एनसीपीसीआर का मेटा के जवाब पर क्या रुख है?
- एनसीपीसीआर जांच जारी रखे हुए है और कंपनी के तथ्यों और प्रतिक्रिया की गहन पड़ताल कर रहा है।
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