एन चंद्रशेखरन को टाटा संस का चेयरमैन बनाए रखा गया
बोर्ड ने पांच साल के नए कार्यकाल को मंजूरी दी, लिस्टिंग पर चर्चा जारी
टाटा संस के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को पांच साल के नए कार्यकाल के लिए मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद कंपनी की लिस्टिंग प्रक्रिया और चंद्रशेखरन के नेतृत्व में आगे के योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। बोर्ड में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ही पुनर्नियुक्ति के खिलाफ वोट देने वाले सदस्य थे।
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टाटा संस के बोर्ड ने गुरुवार को एन चंद्रशेखरन को पांच साल के नए कार्यकाल के लिए मंजूरी दे दी। यह फैसला मुंबई में हुई तीन घंटे तक चली बैठक में लिया गया, जिसमें कंपनी की लिस्टिंग और चेयरमैन पद को लेकर मतभेद थे।
एन चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म होना था। उन्होंने 12 अगस्त को घोषणा की थी कि वे तीसरा कार्यकाल नहीं लेंगे। लेकिन नॉमिनेशन एंड रिम्यूनरेशन कमेटी ने उनसे पुनर्विचार करने को कहा। बोर्ड ने अब उनका कार्यकाल पांच साल और बढ़ाने का फैसला किया है।
टाटा संस की लिस्टिंग का मामला लंबे समय से चर्चा में है। सितंबर 2022 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कंपनी को 'अपर-लेयर नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी' के रूप में वर्गीकृत किया था, जिसके तहत तीन साल के भीतर लिस्ट होना जरूरी था। कंपनी ने अपनी कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी का रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने का प्रयास किया, लेकिन RBI ने 11 सितंबर 2026 को इसे खारिज कर दिया और लिस्टिंग प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
बोर्ड की वोटिंग में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा अकेले ऐसे सदस्य थे जिन्होंने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया। नोएल टाटा टाटा संस को निजी कंपनी बनाए रखने के पक्ष में थे और चंद्रशेखरन के नए कार्यकाल से सहमत नहीं थे। लेकिन बोर्ड के अन्य सदस्यों ने उनके प्रस्ताव का समर्थन किया।
टाटा संस टाटा समूह की मुख्य होल्डिंग कंपनी है और इसमें समूह की कई बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी है। अगर यह शेयर बाजार में लिस्ट होती है तो यह भारतीय बाजार की बड़ी लिस्टिंग में शामिल हो सकती है।
टाटा ट्रस्ट्स के पास लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है और उन्होंने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग का विरोध किया था। वहीं, लगभग 18.4 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले शापूरजी पलोनजी ग्रुप ने लिस्टिंग पर जोर दिया था ताकि वैल्यू अनलॉक हो और लिक्विडिटी बेहतर हो सके।
एन चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा संस की कमान संभाली थी और तब से समूह को एविएशन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और डिजिटल बिजनेस जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार दिया है।
अब बोर्ड के फैसले के बाद टाटा संस की लिस्टिंग की तैयारी और चंद्रशेखरन के अगले कार्यकाल से जुड़े कदमों पर नजर बनी रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- एन चंद्रशेखरन ने तीसरा कार्यकाल क्यों न लेने की घोषणा की थी?
- उन्होंने 12 अगस्त को तीसरा कार्यकाल नहीं लेने की घोषणा की थी, लेकिन नॉमिनेशन एंड रिम्यूनरेशन कमेटी ने पुनर्विचार करने को कहा।
- नोएल टाटा ने पुनर्नियुक्ति का विरोध क्यों किया?
- वे टाटा संस को निजी कंपनी बनाए रखना चाहते थे और चंद्रशेखरन के नए कार्यकाल से सहमत नहीं थे।
- शापूरजी पलोनजी ग्रुप ने लिस्टिंग पर क्या कारण बताया?
- उन्होंने लिस्टिंग पर जोर दिया ताकि वैल्यू अनलॉक हो सके और लिक्विडिटी बेहतर हो।
- चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने किन नए क्षेत्रों में विस्तार किया?
- उन्होंने एविएशन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और डिजिटल बिजनेस जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया है।
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