राधा अष्टमी 19 सितंबर को, विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को
राधा अष्टमी प्रेम और भक्ति का पर्व, विश्वकर्मा पूजा शिल्पकारों का त्योहार
साल 2026 में राधा अष्टमी 19 सितंबर को और विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को मनाई जाएगी। राधा अष्टमी प्रेम और भक्ति का प्रतीक है, जबकि विश्वकर्मा पूजा शिल्प और निर्माण के देवता को समर्पित है। इन पर्वों पर पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
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साल 2026 में राधा अष्टमी 19 सितंबर को मनाई जाएगी, जो प्रेम और भक्ति का प्रतीक है। विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को होगी, जो शिल्प और निर्माण के देवता को समर्पित है। दोनों पर्वों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है।
राधा अष्टमी का महत्व और पूजा विधि
राधा अष्टमी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है, जो इस वर्ष 19 सितंबर को पड़ रही है। ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस दिन राधा रानी का अवतार हुआ था और यह पर्व प्रेम, त्याग और भक्ति का प्रतीक है। श्रद्धालु व्रत रखकर राधा-कृष्ण की पूजा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। पूजा स्थल पर पीला कपड़ा बिछाकर राधा रानी और श्रीकृष्ण की तस्वीर स्थापित की जाती है। चंदन, रोली, सिंदूर, फूल और सुगंधित सामग्री अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। अंत में आरती कर प्रसाद बांटा जाता है और अगले दिन ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। माना जाता है कि इस व्रत से वैवाहिक जीवन में प्रेम और संतान सुख की प्राप्ति होती है।
विश्वकर्मा पूजा का महत्व और अनुष्ठान
विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को मनाई जाएगी। यह पर्व भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है, जो शिल्प, वास्तुकला, निर्माण और तकनीकी कौशल के देवता माने जाते हैं। इस दिन कारीगर, इंजीनियर, मैकेनिक, फैक्ट्री कर्मचारी, बिल्डर और तकनीशियन अपने औजारों, मशीनों और कार्यस्थल की विधिवत पूजा करते हैं। पूजा के दौरान 'ऊं विश्वकर्मणे नमः' मंत्र का जाप किया जाता है। पूजा के बाद कर्मचारियों, कारीगरों और मजदूरों का सम्मान कर उन्हें प्रसाद दिया जाता है। साथ ही जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े और आवश्यक वस्तुएं दान करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान औजारों का अपमान करना अशुभ माना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- राधा अष्टमी पर कौन-कौन सी पूजा सामग्री इस्तेमाल होती है?
- पूजा में चंदन, रोली, सिंदूर, फूल और सुगंधित सामग्री अर्पित की जाती है।
- विश्वकर्मा पूजा में कौन-कौन पूजा करते हैं?
- कारीगर, इंजीनियर, मैकेनिक, फैक्ट्री कर्मचारी, बिल्डर और तकनीशियन अपने औजारों की पूजा करते हैं।
- विश्वकर्मा पूजा के दौरान कौन सा मंत्र जाप किया जाता है?
- 'ऊं विश्वकर्मणे नमः' मंत्र का जाप पूजा के दौरान किया जाता है।
- विश्वकर्मा पूजा में क्या दान करना शुभ माना जाता है?
- जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े और आवश्यक वस्तुएं दान करना शुभ होता है।
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