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सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई अध्यक्ष मिश्रा को बताया प्रो-टेम चेयरमैन

कोर्ट ने कहा, नई राज्य बार काउंसिल तीन हफ्ते में चुनाव कर नए प्रतिनिधि चुनें

सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को अस्थायी चेयरमैन बताया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि नई गठित राज्य बार काउंसिल तीन हफ्ते के भीतर अपने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और बीसीआई के प्रतिनिधि का चुनाव करेंगी।
AI सार

सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को अस्थायी चेयरमैन घोषित किया है और कहा है कि नई राज्य बार काउंसिल को तीन हफ्ते के भीतर अपने अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों का चुनाव करना होगा। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि कोई बड़ा नीतिगत निर्णय लेने से पहले बीसीआई को अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को शामिल करना आवश्यक होगा।

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नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट भवन का दृश्य
नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट भवन का दृश्य / सोशल मीडिया

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 सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को अस्थायी चेयरमैन बताया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि नई गठित राज्य बार काउंसिल तीन हफ्ते के भीतर अपने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और बीसीआई के प्रतिनिधि का चुनाव करेंगी।

कोर्ट के निर्देश और चुनाव प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब तक बीसीआई का नया गठन नहीं हो जाता, तब तक मौजूदा व्यवस्था रोजमर्रा का कामकाज संभाल सकती है। नई गठित राज्य बार काउंसिल को तीन हफ्ते के भीतर अपने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, अन्य पदाधिकारियों और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के एक प्रतिनिधि का चुनाव करना होगा। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर राज्य बार काउंसिल की पूरी संरचना अधिसूचित की जाएगी। कोर्ट ने राज्य बार काउंसिल के चुनाव पूरे हो जाने की पुष्टि की है और संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को निर्देश दिया है कि वे नए चुने गए सदस्यों के साथ सलाह-मशविरा करके दो हफ्ते के भीतर महिला सदस्यों को सह-चयनित करें।

मिश्रा के कार्यकाल और नीतिगत फैसले

सुप्रीम कोर्ट ने मनन कुमार मिश्रा के कार्यकाल को प्रो-टेम (अस्थायी) बताया है और कहा कि उनका पद लोकतांत्रिक रूप से चुने गए चेयरमैन के बराबर नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भले ही बीसीआई का कोई प्रस्ताव चेयरमैन को पांच साल का कार्यकाल दे, फिर भी उनका कार्यकाल 2027 से आगे नहीं बढ़ सकता।

कोई भी बड़ा नीतिगत निर्णय लेने से पहले BCI को अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को शामिल करना होगा, जो BCI के स्थायी पदेन (ex-officio) सदस्य होते हैं

सुप्रीम कोर्ट

जब तक एक चुनी हुई BCI नहीं बन जाती, तब तक रोज़मर्रा के कामकाज के लिए एडवोकेट्स एक्ट की धारा 4(3) के प्रावधान के तहत मिश्रा का बने रहना जारी रखा जा सकता है, लेकिन हर पॉलिसी फ़ैसले में अटॉर्नी जनरल को शामिल करना ज़रूरी है

जस्टिस बागची, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई के अध्यक्ष को क्या बना दिया है?
सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को प्रो-टेम (अस्थायी) चेयरमैन बना दिया है।
बीसीआई को अहम नीतिगत निर्णय लेने से पहले क्या करना होगा?
बीसीआई को अहम नीतिगत निर्णय लेने से पहले अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को शामिल करना होगा।

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Published3 सितंबर 2026, 14:41 IST IST
Last updated3 सितंबर 2026, 14:41 IST IST
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