कानून / कोर्ट 3 MIN READ

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- लॉ स्टूडेंट्स पर कार्रवाई यूनिवर्सिटी का अधिकार

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आदेश को रद्द करते हुए कोर्ट ने छात्रों के व्यवहार नियंत्रित करने का अधिकार न होने का फैसला सुनाया

सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद की नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों से जुड़े विवाद में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लॉ स्टूडेंट्स के व्यवहार को नियंत्रित करने या उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार केवल संबंधित विश्वविद्यालय या संस्थान के पास
AI सार

सुप्रीम कोर्ट ने नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों के मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि लॉ स्टूडेंट्स के अनुशासनात्मक मामलों में कार्रवाई का अधिकार सिर्फ संबंधित विश्वविद्यालय या संस्थान को है। कोर्ट ने BCI द्वारा छात्रों के वकील के रूप में नामांकन को रोकने के आदेश पर नाराजगी जताई और कहा कि इस मामले में BCI की दखलंदाजी अनुचित थी।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

सुप्रीम कोर्ट परिसर में न्यायाधीश मामले पर चर्चा करते हुए
सुप्रीम कोर्ट परिसर में न्यायाधीश मामले पर चर्चा करते हुए / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद की नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों से जुड़े विवाद में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लॉ स्टूडेंट्स के व्यवहार को नियंत्रित करने या उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार केवल संबंधित विश्वविद्यालय या संस्थान के पास है।

मामले का背景 और विवाद

नालसार के करीब 450 छात्रों ने दीक्षांत समारोह में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया था। यह नाराजगी CJI की जुलाई में पुलिस कार्रवाई से जुड़ी एक टिप्पणी को लेकर थी। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को पत्र लिखकर निमंत्रण वापस लेने की मांग की। इसके बाद BCI ने 13 अगस्त को सभी राज्य बार काउंसिलों को 2026 बैच के नालसार ग्रेजुएट्स का वकील के तौर पर एनरोलमेंट अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और आदेश

14 अगस्त को सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने BCI के मामले में दखल देने पर नाराजगी जताई और कहा कि छात्रों का विरोध संवैधानिक मूल्यों पर आधारित था। कोर्ट ने यह भी कहा कि लॉ स्टूडेंट्स के अनुशासन का मामला उनके संबंधित विश्वविद्यालय या संस्थान के अधिकार क्षेत्र में आता है।

BCI के आदेश पर प्रतिक्रिया और वापसी

BCI ने विवाद बढ़ने के बाद अपने आदेश को कुछ ही घंटों में वापस ले लिया और सभी छात्रों को अपनी पसंद की स्टेट बार काउंसिल में एनरोल होने की अनुमति दे दी। BCI ने कहा कि कानून के छात्रों से देश के सर्वोच्च न्यायिक पद के प्रति सम्मान की उम्मीद की जाती है और कुछ शिक्षकों पर छात्रों को उकसाने का आरोप भी लगाया था।

विशेषज्ञों और प्रभावितों के विचार

एक सीनियर वकील ने कहा कि यह मामला याचिका के स्तर तक पहुंच चुका है। एडवोकेट परमेश्वर ने कहा कि BCI चेयरमैन के निर्देश वापस ले लिए गए हैं, लेकिन उनकी जांच होनी चाहिए कि ये आदेश किस कानूनी प्रावधान के तहत जारी किए गए थे। एक छात्र ने कहा, "हम सीजेआई के पद का सम्मान करते हैं लेकिन हमें संविधान और संवैधानिक मूल्यों के बारे में सिखाया गया है और हम ऐसी किसी चीज का समर्थन नहीं करना चाहते जो उन मूल्यों के खिलाफ हो।"

जब तक छात्र वकील नहीं बन जाते, तब तक बार काउंसिल अपने नियमों के तहत उन पर एक्शन नहीं ले सकती

सुप्रीम कोर्ट

NALSAR के ज्यादातर छात्र निर्दोष हैं

बार काउंसिल ऑफ इंडिया

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने BCI के आदेश पर क्या निर्णय लिया?
सुप्रीम कोर्ट ने BCI के आदेश को रद्द कर दिया और स्पष्ट किया कि छात्रों की अनुशासनात्मक कार्रवाई का अधिकार यूनिवर्सिटी को है।
छात्रों ने CJI सूर्यकांत के विरोध में क्या कदम उठाया?
छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को पत्र लिखकर CJI सूर्यकांत का निमंत्रण वापस लेने की मांग की।
छात्रों के विरोध के पीछे का कारण क्या था?
छात्रों का विरोध CJI की पुलिस कार्रवाई से जुड़ी एक टिप्पणी को लेकर था।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 शिक्षा तमिलनाडु सरकार ने किसानों-शिक्षकों पर दर्ज केस वापस लेने का एलान किया
03 मौसम कनॉट प्लेस जलभराव के बाद एनडीएमसी ने अभियंता संजय वर्मा को निलंबित किया
04 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
Trust & Transparency

How this story was handled

Published3 सितंबर 2026, 19:49 IST IST
Last updated3 सितंबर 2026, 19:54 IST IST
Latest newsroom actionnewsdesk-bot (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under कानून / कोर्ट and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: कानून-अदालत.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from कानून / कोर्ट.

कानून / कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत दोषी की धारणा को खारिज किया

कानून / कोर्ट

झारखंड HC में JPSC-JSSC नियुक्तियों पर सुनवाई, सरकार देगी जवाब

National

घर पर बनाएं हैदराबादी मिर्ची का सालन, बिरयानी का स्वाद दोगुना

क्राइम

दिल्ली हाईकोर्ट ने BCI परिसर में वकीलों पर हमले की CBI जांच की मांग खारिज की

National

हैदराबाद में तीन नकली नोट छापने वाले गिरफ्तार

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत दोषी की धारणा को खारिज किया
कानून / कोर्ट
इससे जुड़ी ख़बरें

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत दोषी की धारणा को खारिज किया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026
झारखंड HC में JPSC-JSSC नियुक्तियों पर सुनवाई, सरकार देगी जवाब
कानून / कोर्ट
इससे जुड़ी ख़बरें

झारखंड HC में JPSC-JSSC नियुक्तियों पर सुनवाई, सरकार देगी जवाब

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026
घर पर बनाएं हैदराबादी मिर्ची का सालन, बिरयानी का स्वाद दोगुना
National
इससे जुड़ी ख़बरें

घर पर बनाएं हैदराबादी मिर्ची का सालन, बिरयानी का स्वाद दोगुना

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 7 सितंबर 2026
दिल्ली हाईकोर्ट ने BCI परिसर में वकीलों पर हमले की CBI जांच की मांग खारिज की
क्राइम
इससे जुड़ी ख़बरें

दिल्ली हाईकोर्ट ने BCI परिसर में वकीलों पर हमले की CBI जांच की मांग खारिज की

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 21 सितंबर 2026
हैदराबाद में तीन नकली नोट छापने वाले गिरफ्तार
National
इससे जुड़ी ख़बरें

हैदराबाद में तीन नकली नोट छापने वाले गिरफ्तार

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 3 सितंबर 2026
हैदराबाद में बढ़ा हेल्दी मिलेट ड्रिंक और वेज कबाब का चलन
स्वास्थ्य
इससे जुड़ी ख़बरें

हैदराबाद में बढ़ा हेल्दी मिलेट ड्रिंक और वेज कबाब का चलन

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 20 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 शिक्षा तमिलनाडु सरकार ने किसानों-शिक्षकों पर दर्ज केस वापस लेने का एलान किया
03 मौसम कनॉट प्लेस जलभराव के बाद एनडीएमसी ने अभियंता संजय वर्मा को निलंबित किया
04 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.