योगी ने अफसरों को चेताया, छोटी घटनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित समाधान और संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि छोटी-छोटी घटनाओं में भी लापरवाही न बरती जाए और शिकायतों का वास्तविक समाधान किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति जांचने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से जनता की समस्याओं के समयबद्ध समाधान की समीक्षा और संवेदनशीलता बरतने को भी कहा है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज में वैमनस्यता फैलाने वाले लोग छोटी-छोटी घटनाओं को बड़ा रूप देने का प्रयास करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी शिकायत को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसके वास्तविक समाधान की निगरानी की जाए। कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई के साथ पीड़ित को न्याय मिलने का भरोसा देना प्रशासन और पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिलों में छोटी से छोटी घटना पर नजर रखने और सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। अधिकारी मौके पर जाकर पीड़ित की बात सुनें, वास्तविक स्थिति जानें और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी मातहत अधिकारी या कर्मचारी के स्तर पर लापरवाही की शिकायत आती है तो उसकी भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता बरतें और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में लापरवाही न हो।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने फरियादियों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रार्थना पत्रों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए। जमीन से जुड़े विवादों में राजस्व और पुलिस अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्रवाई करने को कहा गया है। भूमाफिया और दबंग प्रवृत्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे कार्यालयों में आने वाले लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें और शिकायतकर्ताओं को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदारी लेकर प्रकरण का समाधान करें। जनसमस्याओं के निस्तारण की नियमित समीक्षा भी आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक नन्हे बच्चे से बातचीत कर उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा और उसे उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस सहज संवाद ने कार्यक्रम में मानवीय संवेदना का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशासन और पुलिस जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और किसी घटना या शिकायत को शुरुआती स्तर पर ही प्रभावी तरीके से सुलझाएं। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और शिकायतों के निस्तारण की निगरानी करने को कहा।
छोटी-छोटी घटनाओं में भी उदासीनता और लापरवाही किसी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
पुलिस कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसएसपी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से जन समस्याओं की समीक्षा करें और जिलों में जाकर शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित कराएं
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए हैं?
- उन्होंने सभी शिकायतों के वास्तविक समाधान की निगरानी करने और संवेदनशीलता के साथ जनशिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा है।
- अधिकारियों को छोटी घटनाओं से कैसे निपटना चाहिए?
- अधिकारियों को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच कर स्थिति का पता लगाना और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
- जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने क्या किया?
- उन्होंने फरियादियों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रार्थना पत्रों का अवलोकन किया।
- क्या अधिकारी जमीन से जुड़े विवादों में भी सक्रिय हो रहे हैं?
- हाँ, मुख्यमंत्री ने राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को मिलकर जमीन विवादों में समन्वय से कार्रवाई करने कहा है।
- कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ क्या संवाद किया?
- उन्होंने एक नन्हे बच्चे से पढ़ाई के बारे में पूछा और उसे उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।
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