दोहरीघाट में शिक्षकों का एफएलएन और एनसीआरटी प्रशिक्षण पूरा
441 शिक्षकों को नई पाठ्यपुस्तकों और शिक्षण तकनीक पर प्रशिक्षण दिया गया
दोहरीघाट के ब्लॉक संसाधन केंद्र गोंठा में 10 अगस्त से चल रहे शिक्षकों के एफएलएन और एनसीआरटी आधारित प्रशिक्षण का मंगलवार को समापन हुआ। इस प्रशिक्षण में 441 अध्यापक और शिक्षामित्र शामिल हुए, जिसमें शिक्षक नई शिक्षण तकनीकों और एनसीआरटी की नवीन पाठ्यपुस्तकों के विषय में मार्गदर्शन प्राप्त कर बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए तैयार हुए। अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का विद्यालयों में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
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दोहरीघाट। दोहरीघाट के ब्लॉक संसाधन केंद्र गोंठा पर 10 अगस्त से चल रहा शिक्षकों का एफएलएन और एनसीआरटी आधारित प्रशिक्षण मंगलवार को संपन्न हो गया। इस दौरान शिक्षकों को बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए नई तकनीकों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में शिक्षकों को एनसीआरटी की नवीन पाठ्यपुस्तकों 'वीणा-1' और 'गणित मेला' के विषय में विस्तार से बताया गया। शिक्षक संदर्शिका के प्रभावी उपयोग, कैच-अप प्रोग्राम और 10 पॉइंट टूलकिट पर भी चर्चा हुई। प्रशिक्षकों ने कक्षा-कक्ष में गतिविधि आधारित शिक्षण और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
इस प्रशिक्षण में कुल 441 अध्यापक और शिक्षामित्र शामिल हुए। कंचन सिंह, अजय कुमार, दिनेश सिंह, अनिल तिवारी, ममता राय, नीरज पाण्डेय, शैलेन्द्र यादव और गुलाब यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा, "प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को जो जानकारी एवं तकनीकी ज्ञान प्रदान किया गया है, उसका विद्यालयों में बच्चों के बीच शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण तभी सार्थक होगा जब इसका लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचे और शिक्षण कार्य अधिक प्रभावी बने।
प्रशिक्षण का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पूजन के साथ किया गया। संदर्भदाता के रूप में सुजीत कुमार राय, प्रदीप यादव, अखिलेश यादव, रामविलास चौहान और राकेश कुमार नारायण सिंह उपस्थित रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- प्रशिक्षण में शिक्षकों को किन नई तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई?
- प्रशिक्षकों को संदर्शिका के प्रभावी उपयोग, कैच-अप प्रोग्राम और 10 पॉइंट टूलकिट पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
- प्रशिक्षण का शुभारंभ कैसे किया गया था?
- प्रशिक्षण मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पूजन के साथ शुरू हुआ।
- प्रशिक्षण में किन प्रमुख शिक्षकों और संदर्भदाताओं की उपस्थिति रही?
- कंचन सिंह, अजय कुमार, दिनेश सिंह सहित अनेक शिक्षक और सुजीत कुमार राय, प्रदीप यादव आदि संदर्भदाता के रूप में उपस्थित थे।
- अधिकारी मुकेश कुमार ने प्रशिक्षण के बारे में क्या बताया?
- उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण तभी सार्थक होगा जब उसका लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचे और शिक्षण कार्य प्रभावी बने।
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