राष्ट्रपति मुर्मु ने निष्ठावान शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता बताया
राष्ट्रपति ने शिक्षकों की भूमिका को अग्रणी पंक्ति में रखा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 5 सितंबर को कहा कि निष्ठावान शिक्षक राष्ट्र के निर्माता होते हैं और उनकी भूमिका समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों के समर्पण और मेहनत से देश के भविष्य के संवारने पर जोर दिया।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 5 सितंबर को कहा कि निष्ठावान शिक्षक देश के राष्ट्र निर्माता होते हैं। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण बताया। राष्ट्रपति ने यह बात एक सार्वजनिक मंच से कही।
राष्ट्रपति मुर्मु ने शिक्षकों को अग्रणी पंक्ति का हिस्सा बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण से ही देश का भविष्य संवरता है। उन्होंने कहा, "निष्ठावान शिक्षक अग्रणी पंक्ति के राष्ट्र निर्माता हैं।" इस बयान से शिक्षकों के प्रति सम्मान और उनकी जिम्मेदारी पर जोर दिया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- राष्ट्रपति ने शिक्षकों की मेहनत को कैसे बताया?
- उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मेहनत और समर्पण से देश का भविष्य संवरता है।
- यह बयान कब और कहां दिया गया?
- राष्ट्रपति ने यह बयान 5 सितंबर को एक सार्वजनिक मंच से दिया।
- राष्ट्रपति ने शिक्षकों को किस पंक्ति का हिस्सा बताया?
- उन्होंने शिक्षकों को अग्रणी पंक्ति का हिस्सा बताया।
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