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बसपा के पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लिया

अशोक सिद्धार्थ ने मायावती को लिखा भावुक पत्र, आकाश आनंद को लेकर लगाए आरोपों का किया खंडन

बहुजन समाज पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने सक्रिय राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान किया है। उन्होंने मायावती को भावुक पत्र लिखकर अपनी अटूट निष्ठा जताई और पार्टी पर कब्जे के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
AI सार

बसपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने सक्रिय राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने की घोषणा की है। उन्होंने मायावती को पत्र लिखकर पार्टी पर कब्जे के आरोपों को खारिज किया और बताया कि उनका संन्यास आकाश आनंद की स्थिति से संबंधित नहीं है।

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अशोक सिद्धार्थ का राजनीति से संन्यास
अशोक सिद्धार्थ का राजनीति से संन्यास / प्रतीकात्मक चित्र · निहारिका टाइम्स

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बहुजन समाज पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने सक्रिय राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान किया है। उन्होंने मायावती को भावुक पत्र लिखकर अपनी अटूट निष्ठा जताई और पार्टी पर कब्जे के आरोपों को बेबुनियाद बताया।

अशोक सिद्धार्थ ने मायावती के नाम लिखे पत्र में कहा कि बहनजी का आदेश उनके लिए दुनिया की किसी भी चीज़ से ऊपर है और उनके मार्गदर्शन के आगे पारिवारिक रिश्ते छोटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद को गुमराह करने या पार्टी पर कब्जा करने की बात गलत है। उनके अनुसार, आकाश से उनकी मुलाकात केवल पार्टी कार्यक्रमों के सिलसिले में हुई है।

उन्होंने लिखा कि आकाश आनंद उनके दामाद से पहले मायावती के भतीजे हैं और वे जैसे मामूली कार्यकर्ता उन्हें गुमराह नहीं कर सकते। बसपा में 35 वर्षों के अपने योगदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांशीराम और डॉ. भीमराव अंबेडकर के मिशन में मायावती की वजह से उन्हें संसद और विधानमंडल तक पहुंचने का मौका मिला। मिशन के लिए जान भी देने को वे गर्व की बात मानेंगे।

अशोक सिद्धार्थ ने कहा कि आकाश आनंद को जिम्मेदारी देना या न देना पूरी तरह बसपा सुप्रीमो का अधिकार है और उनके संन्यास को आकाश की पद वापसी से न जोड़ा जाए। उन्होंने लिखा कि अगर मायावती को लगता है कि उनके राजनीति में रहने से बहुजन मिशन को नुकसान हो रहा है तो वे तत्काल प्रभाव से संन्यास ले रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अशोक सिद्धार्थ ने संन्यास क्यों लिया?
उन्होंने कहा कि यदि उनके राजनीति में रहने से बहुजन मिशन को नुकसान हो रहा है तो वे संन्यास लेना चाहते हैं।
अशोक सिद्धार्थ ने आकाश आनंद के बारे में क्या कहा?
उन्होंने बताया कि आकाश आनंद मायावती के भतीजे हैं और किसी मामूली कार्यकर्ता से उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता।
अशोक सिद्धार्थ ने अपने अनुभव का किस प्रकार उल्लेख किया?
उन्होंने कांशीराम और डॉ. भीमराव अंबेडकर के मिशन में अपनी 35 वर्षों की सेवा का जिक्र किया।
क्या अशोक सिद्धार्थ ने मायावती के प्रति अपनी निष्ठा जताई?
जी हां, उन्होंने कहा कि मायावती का आदेश उनके लिए सबसे ऊपर है।
क्या अशोक सिद्धार्थ ने आकाश आनंद की पद वापसी से अपना संन्यास जोड़ा?
नहीं, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संन्यास आकाश की पद वापसी से जुड़ा नहीं है।

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Published10 सितंबर 2026, 13:41 IST IST
Last updated10 सितंबर 2026, 13:41 IST IST
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